LPG Rule Change: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर मंडरा रहे खतरे के बीच सरकार ने एक अहम फैसला लिया है, जिससे आम लोगों, खासकर प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत मिलेगी. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घोषणा की है कि अब 5 किलो एलपीजी सिलेंडर खरीदने के लिए एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं होगी. यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने की आशंकाओं के चलते पूरी दुनिया में तेल और गैस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी हुई है.
अब सिर्फ ID से मिलेगा सिलेंडर
मंत्रालय के अनुसार, अब उपभोक्ता केवल एक वैध पहचान पत्र (ID) दिखाकर 5 किलो फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर खरीद सकते हैं. इसके लिए स्थानीय पते का प्रमाण देना जरूरी नहीं होगा. यह व्यवस्था खासतौर पर उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी, जो शहरों में काम करते हैं लेकिन उनके पास वहां का एड्रेस प्रूफ नहीं होता.
प्रवासी मजदूरों को सबसे ज्यादा फायदा
सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ प्रवासी मजदूरों और अस्थायी रूप से रहने वाले लोगों को मिलेगा. अक्सर ऐसे लोग एड्रेस प्रूफ न होने की वजह से एलपीजी सिलेंडर नहीं ले पाते थे और उन्हें महंगे या असुरक्षित विकल्पों का सहारा लेना पड़ता था. अब वे आसानी से नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर से सिलेंडर खरीद सकेंगे और अपने दैनिक जीवन में राहत पा सकेंगे.
बिक्री में उछाल: 5.7 लाख सिलेंडर बिके
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 23 मार्च से अब तक करीब 5.7 लाख छोटे एलपीजी सिलेंडर बेचे जा चुके हैं. हाल ही में एक दिन में ही 71,000 से ज्यादा सिलेंडर की बिक्री दर्ज की गई, जो बढ़ती मांग का स्पष्ट संकेत है. यह दर्शाता है कि लोगों के बीच छोटे सिलेंडर की मांग तेजी से बढ़ रही है.
सरकार की अपील: घबराकर खरीदारी न करें
मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है. सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. हालांकि, कुछ जगहों पर अफवाहों के चलते लोगों की भीड़ देखी गई है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में खरीदारी न करें और सामान्य तरीके से ईंधन का उपयोग करें.
सप्लाई मजबूत करने के लिए बड़े कदम
ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं. घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया है और रिफाइनरियों को पूरी क्षमता पर चलाया जा रहा है. इसके अलावा, घरेलू उपभोक्ताओं, अस्पतालों और जरूरी सेवाओं के लिए ईंधन की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति में जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों.
PNG और इलेक्ट्रिक कुकिंग पर जोर
मांग को संतुलित करने के लिए सरकार ने एलपीजी के विकल्पों को भी बढ़ावा देना शुरू कर दिया है. पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG), केरोसिन और इलेक्ट्रिक कुकिंग जैसे विकल्पों को अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है. राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए PNG कनेक्शन तेजी से उपलब्ध कराएं.
कालाबाजारी पर सख्ती
सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए निगरानी भी कड़ी कर दी है. हाल ही में 3,700 से ज्यादा छापे मारे गए हैं और गड़बड़ी करने वाले एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है. कई मामलों में लाइसेंस तक सस्पेंड कर दिए गए हैं, जिससे यह साफ संकेत जाता है कि सरकार इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरतने वाली है.
राज्यों को भी दिए गए अधिकार
अधिकारियों के अनुसार, राज्यों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के अधिकार दिए गए हैं. उन्हें नियमित जांच और जनसंपर्क अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि लोगों तक सही जानकारी पहुंचे और अफवाहों को रोका जा सके.
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