LPG Cylinder Price Hike: गैस सिलेंडर हुआ महंगा, अब इन 5 नियमों का रखना होगा ध्यान, नहीं तो हो सकती है परेशानी

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

LPG Cylinder Price Hike: घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है. रविवार, 7 जून से 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये का इजाफा लागू हो गया है. कीमत बढ़ने के बाद उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है. हालांकि, कीमतों में बदलाव के साथ कोई नया नियम लागू नहीं किया गया है, लेकिन तेल विपणन कंपनियों (OMCs) द्वारा पहले से जारी कई महत्वपूर्ण नियम पूरी तरह प्रभावी हैं.

सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य गैस की कालाबाजारी रोकना, फर्जी कनेक्शनों पर लगाम लगाना और उपभोक्ताओं तक सुरक्षित एवं पारदर्शी तरीके से सिलेंडर पहुंचाना है. ऐसे में हर गैस उपभोक्ता के लिए इन नियमों की जानकारी होना जरूरी है.

PNG कनेक्शन है तो LPG रखना होगा बंद

तेल कंपनियों के नियमों के अनुसार, यदि किसी उपभोक्ता के घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध हो गई है, तो वह घरेलू एलपीजी कनेक्शन जारी नहीं रख सकता. नियम के मुताबिक, PNG कनेक्शन चालू होने के 30 दिनों के भीतर LPG कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य है. ऐसा नहीं करने पर तेल कंपनियां संबंधित उपभोक्ता का एलपीजी कनेक्शन स्वतः ब्लॉक कर सकती हैं.

रीफिल बुकिंग पर लागू है समय सीमा

सिलेंडरों की जमाखोरी रोकने के लिए गैस कंपनियों ने रीफिल बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतर तय किया है. शहरी क्षेत्रों में एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन पूरे होने से पहले बुक नहीं किया जा सकता. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 45 दिन निर्धारित की गई है. कंपनियों का मानना है कि इससे जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक समय पर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित होगी.

OTP बताए बिना नहीं मिलेगा सिलेंडर

उपभोक्ताओं की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू किया गया है. गैस बुकिंग के बाद उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP या सिक्योरिटी कोड भेजा जाता है. डिलीवरी के समय यह कोड डिलीवरी एजेंट को बताने के बाद ही सिलेंडर सौंपा जाता है. इस व्यवस्था से सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग, चोरी और गलत व्यक्ति को डिलीवरी जैसी समस्याओं पर रोक लगाने में मदद मिल रही है.

e-KYC नहीं कराया तो रुक सकती है सब्सिडी

सभी वैध एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित e-KYC को अनिवार्य कर दिया गया है. जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक गैस एजेंसी या मोबाइल ऐप के जरिए अपनी बायोमेट्रिक अथवा आधार आधारित KYC पूरी नहीं की है, उन्हें भविष्य में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे उपभोक्ताओं की सब्सिडी रोकी जा सकती है या गैस बुकिंग में दिक्कत आ सकती है.

साल में केवल 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर

प्रत्येक परिवार को एक वित्तीय वर्ष में केवल 12 रियायती (सब्सिडी वाले) घरेलू सिलेंडर ही मिलेंगे. इससे अधिक सिलेंडर की आवश्यकता होने पर बाजार की वर्तमान ऊंची दरों (जैसे दिल्ली में 942 रुपये) का भुगतान करना होगा.

कीमत बढ़ी, लेकिन नियमों की जानकारी भी जरूरी

एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बीच उपभोक्ताओं के लिए इन नियमों का पालन करना बेहद जरूरी हो गया है. e-KYC से लेकर OTP आधारित डिलीवरी और रीफिल बुकिंग की समय सीमा तक, हर नियम सीधे तौर पर गैस उपभोक्ताओं को प्रभावित करता है. ऐसे में किसी भी असुविधा से बचने के लिए समय रहते सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर लेना बेहतर होगा.

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