LPG Price Today on May 15: देश में पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब लोगों की नजर घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर टिकी हुई है. शुक्रवार, 15 मई को केंद्र सरकार और तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दामों में 3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी. वहीं सीएनजी की कीमतों में भी 2 रुपये प्रति किलो तक इजाफा किया गया है. इसके बाद अब यह आशंका तेजी से बढ़ रही है कि आने वाले दिनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर भी महंगा हो सकता है. हालांकि, फिलहाल घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन ऊर्जा बाजार में बने हालात और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती कीमतों को देखते हुए बाजार में चर्चा तेज हो गई है कि जल्द ही रसोई गैस के दामों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
मार्च में बढ़े थे घरेलू LPG सिलेंडर के दाम
इससे पहले मार्च महीने में घरेलू रसोई गैस यानी 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में पूरे देश में 60 रुपये प्रति सिलेंडर की भारी बढ़ोतरी की गई थी. उस समय बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लागत और आयात खर्च का हवाला देते हुए कीमतों में संशोधन किया गया था. मार्च में बढ़ोतरी होने के बाद से अब तक घरेलू एलपीजी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि अब पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के दाम बढ़ने के बाद लोगों की चिंता फिर बढ़ गई है.
आज LPG सिलेंडर की कीमत
| शहर | घरेलू सिलेंडर की कीमत | कमर्शियल सिलेंडर की कीमत |
| दिल्ली | 913.0 रुपये | 3071.5 रुपये |
| मुंबई | 912.5 रुपये | 3024.0 रुपये |
| कोलकाता | 939.0 रुपये | 3202.5 रुपये |
| चेन्नई | 928.5 रुपये | 3237.0 रुपये |
| बेंगलुरु | 915.5 रुपये | 3152.0 रुपये |
| अगरतला | 1073.5 रुपये | 3415.5 रुपये |
| अहमदाबाद | 920.0 रुपये | 3091.0 रुपये |
| अमृतसर | 954.0 रुपये | 3178.0 रुपये |
| ईटानगर | 978.5 रुपये | 3325.5 रुपये |
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया को ऊर्जा संकट की चिंता में डाल दिया है. पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है. भारत में भी कच्चे तेल, एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है क्योंकि हॉर्मुज स्ट्रेट के आसपास हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस निर्यात इसी रास्ते से होकर गुजरता है. ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक सप्लाई को प्रभावित कर सकती है. ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता तब और बढ़ गई जब अमेरिका ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया. बीते सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि युद्धविराम अब “लाइफ सपोर्ट” पर है. उन्होंने ईरान के शांति प्रस्ताव को “कचरे का एक टुकड़ा” बताते हुए अस्वीकार्य करार दिया. इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और ज्यादा बढ़ गया है, जिससे शांति वार्ता को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ गई है.
क्या अब बढ़ेंगे घरेलू गैस सिलेंडर के दाम?
मार्केट एक्सपर्ट्स और वित्तीय जानकारों का मानना है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बहुत जल्द बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. भारत अपनी जरूरत का 55 प्रतिशत से ज्यादा एलपीजी विदेशों से आयात करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने का सीधा असर भारत पर पड़ता है. इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 105 से 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी हैं. इसकी वजह से एलपीजी के मुख्य घटक प्रोपेन और ब्यूटेन का आयात भी काफी महंगा हो गया है. आयात लागत बढ़ने के कारण तेल कंपनियों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है. यही वजह है कि आने वाले समय में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है.
आम लोगों की बढ़ सकती है मुश्किल
अगर घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ते हैं तो इसका असर सीधे आम लोगों की रसोई पर पड़ेगा. पहले से बढ़ती महंगाई के बीच गैस सिलेंडर महंगा होने से घरेलू बजट और प्रभावित हो सकता है. इसके अलावा होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारों की लागत भी बढ़ सकती है. ऊर्जा कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर आने वाले दिनों में कई जरूरी चीजों के दामों पर भी देखने को मिल सकता है.