LPG Rate Today 30 July 2026: अगर आप हर महीने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर नजर रखते हैं, तो आपके लिए राहत की बात यह है कि 30 जुलाई 2026 को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि, कीमतें स्थिर रहने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय हालात और सप्लाई को लेकर नई चिंताएं सामने आ रही हैं. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में आई कमी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है.
यही वजह है कि अब भारत भविष्य में एलपीजी सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है. सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक देश के कुल एलपीजी आयात का लगभग एक-चौथाई हिस्सा अमेरिका से मंगाया जाए, ताकि मिडिल ईस्ट पर निर्भरता कम की जा सके.
आज कितनी है घरेलू और कमर्शियल LPG की कीमत?
देश के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें इस प्रकार हैं.
| शहर | घरेलू सिलेंडर | कमर्शियल सिलेंडर |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹942.00 | ₹3,113.50 |
| मुंबई | ₹941.50 | ₹3,067.50 |
| कोलकाता | ₹968.00 | ₹3,256.00 |
| चेन्नई | ₹957.50 | ₹3,283.00 |
| बेंगलुरु | ₹944.50 | ₹3,198.00 |
| अमृतसर | ₹983.00 | ₹3,220.00 |
| लखनऊ | ₹979.50 | ₹3,236.00 |
| गाजियाबाद | ₹939.50 | ₹3,113.50 |
| पटना | ₹1,031.50 | ₹3,400.50 |
मिडिल ईस्ट पर निर्भरता कम करने की तैयारी
हाल के वर्षों में पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है. यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा शिपिंग रूट्स में गिना जाता है और भारत के लिए भी बेहद अहम है. ऐसे में भारत अब एलपीजी के आयात के लिए केवल खाड़ी देशों पर निर्भर रहने के बजाय दूसरे विकल्पों पर तेजी से काम कर रहा है. सरकार की योजना है कि वर्ष 2027 तक कुल एलपीजी आयात का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका से लाया जाए. इससे न केवल सप्लाई में बाधा आने का जोखिम कम होगा, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी.
अमेरिका से बढ़ सकता है LPG आयात
भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है. माना जा रहा है कि अमेरिका से एलपीजी आयात बढ़ाने की रणनीति दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को भी नई मजबूती दे सकती है. ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि आयात के स्रोत बढ़ाने से भविष्य में किसी एक क्षेत्र में संकट आने पर देश में एलपीजी की उपलब्धता पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा. इससे सप्लाई चेन अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनेगी.
भारत अभी कितना LPG आयात करता है?
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत ने लगभग 21.85 मिलियन मीट्रिक टन एलपीजी का आयात किया था. इसमें करीब 90 प्रतिशत एलपीजी मिडिल ईस्ट के देशों से आई थी. देश में कुल एलपीजी खपत का लगभग 66 प्रतिशत हिस्सा आयात के जरिए पूरा किया जाता है. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाला कोई भी बड़ा बदलाव भारत के ऊर्जा क्षेत्र पर सीधा असर डाल सकता है.
इंडियन ऑयल की बड़ी तैयारी
एलपीजी सप्लाई को मजबूत बनाने के लिए देश की सबसे बड़ी रिफाइनिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) भी बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी बहुत बड़े गैस कैरियर (Very Large Gas Carrier – VLGC) में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की योजना पर काम कर रही है. अगर यह योजना पूरी होती है तो इंडियन ऑयल ऐसी पहल करने वाली पहली भारतीय रिफाइनरी कंपनी बन जाएगी. इसके बाद कंपनी किराए के एलपीजी और क्रूड टैंकरों पर निर्भर रहने के बजाय अपने विशाल गैस कैरियर के जरिए अमेरिका से सीधे बड़ी मात्रा में एलपीजी आयात कर सकेगी.
ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
एलपीजी की मौजूदा कीमतों में भले ही कोई बदलाव नहीं हुआ हो, लेकिन सरकार और तेल कंपनियों की रणनीति साफ संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में भारत ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने वाला है. आयात के नए स्रोत तैयार होने से भविष्य में वैश्विक संकट के दौरान भी देश में रसोई गैस की सप्लाई को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है.
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