गुजरात में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए Maruti Suzuki ने करीब 5 हजार करोड़ रुपए के जमीन सौदे को दी मंजूरी

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

मारुति सुजुकी ने सोमवार को बताया कि उसके बोर्ड ने गुजरात में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए 4,960 करोड़ रुपये के भूमि सौदे को मंजूरी दे दी है. कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, यह जमीन गुजरात औद्योगिक विकास निगम से खोराज औद्योगिक एस्टेट में ली जा रही है, जहां उत्पादन क्षमता के विस्तार की योजना है. इस नई परियोजना के तहत यहां लगभग 10 लाख गाड़ियों के सालाना उत्पादन की अतिरिक्त क्षमता विकसित की जाएगी.

भूमि अधिग्रहण और निवेश योजना

कंपनी ने बताया कि बोर्ड ने भूमि अधिग्रहण, विकास और शुरुआती गतिविधियों के लिए 4,960 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दी है. साथ ही यह भी कहा गया है कि उत्पादन क्षमता स्थापित करने के विभिन्न चरणों के अनुसार कुल निवेश को बाद में तय कर बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया जाएगा. कंपनी ने आगे कहा कि इस राशि की फंडिंग आंतरिक गतिविधियों और बाहरी कर्ज से की जाएगी.

मौजूदा उत्पादन क्षमता का पूरा इस्तेमाल

कंपनी ने फाइलिंग में कहा, “गुरुग्राम, मानेसर, खरखौदा और हंसलपुर में कुल मौजूदा उत्पादन क्षमता लगभग 24 लाख यूनिट प्रति वर्ष है, जिसे 26 लाख यूनिट प्रति वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है. इसमें पूर्व सुजुकी मोटर गुजरात प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उत्पादित इकाइयां भी शामिल हैं, जिसका कंपनी में विलय कर दिया गया है.” वाहन निर्माता कंपनी ने बताया कि मौजूदा क्षमता का पूरा इस्तेमाल किया जा रहा है.

Maruti का रिकॉर्ड कार उत्पादन

कार निर्माता कंपनी ने वर्ष 2025 में 22.55 लाख से अधिक गाड़ियों का उत्पादन किया, जो किसी भी कैलेंडर वर्ष में अब तक का उसका सबसे ऊंचा आंकड़ा है. यह लगातार दूसरा साल है जब मारुति सुजुकी इंडिया ने सालाना उत्पादन में 20 लाख यूनिट से ज्यादा का स्तर पार किया है. इस कुल उत्पादन में घरेलू बाजार, निर्यात और ओईएम सप्लाई के लिए तैयार की गई गाड़ियां शामिल हैं.

निर्यात में भी नया रिकॉर्ड

मारुति सुजुकी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, हिसाशी ताकेउची ने कहा कि ज्यादा स्थानीय उत्पादन से कंपनी को इतना बड़ा स्केल हासिल करने में मदद मिली, साथ ही भारत के ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस भी बनी रही. मारुति सुजुकी इंडिया ने वर्ष 2025 में 3.95 लाख गाड़ियों का निर्यात किया, जो किसी भी कैलेंडर वर्ष में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. यह निर्यात 2024 की तुलना में 21% अधिक रहा है.

40 लाख यूनिट उत्पादन का लक्ष्य

घरेलू पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में 40% से अधिक हिस्सेदारी रखने वाली यह कंपनी बढ़ती घरेलू मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाकर सालाना 4 मिलियन यूनिट तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है.

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