प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना देश में घरेलू बिजली व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही है. इस योजना के तहत अब तक 7.7 लाख से अधिक घरों का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो चुका है. इसके अंतर्गत घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर लोगों को बिजली बिल से राहत दी जा रही है. यह जानकारी नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने मंगलवार को साझा की.
सोलर सिस्टम से 24,35,196 परिवारों को मिला लाभ
फरवरी 2024 में शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य लोगों को सस्ती और साफ ऊर्जा उपलब्ध कराना एवं उनके घरों का बिजली खर्च कम करना है. साथ ही, यह योजना देश को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद कर रही है. राज्यसभा में जानकारी साझा करते हुए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा कि 9 दिसंबर तक पूरे देश में 19,45,758 रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं. इन सोलर सिस्टम से 24,35,196 परिवारों को लाभ मिला है.
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाना है योजना का मुख्य मकसद
इनमें से लाखों परिवार ऐसे हैं, जिनका बिजली बिल अब पूरी तरह खत्म हो चुका है. इस योजना का उद्देश्य वित्त वर्ष 2026-27 तक देश भर के एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करना है. इसके लिए सरकार ने 75,021 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है. योजना का मुख्य मकसद ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाना, बिजली के बिलों को कम करना और देश के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में सहायक होना है. मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, गुजरात इस योजना में सबसे आगे है, जहां अब तक 4.93 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे 7.10 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हुए हैं. गुजरात में 3.62 लाख घरों का बिजली बिल पूरी तरह से समाप्त हो चुका है.
हजारों परिवारों ने अपने घरों की छतों पर लगाए सोलर सिस्टम
इसके अलावा आंध्र प्रदेश, असम और हरियाणा जैसे राज्यों में भी इस योजना के तहत उल्लेखनीय प्रगति हुई है. इन राज्यों में हजारों परिवारों ने अपने घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाए हैं और वे अब सस्ती व स्वच्छ बिजली का उपयोग कर रहे हैं. सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सोलर सिस्टम लगवाना आम जनता के लिए सुलभ और किफायती हो. इस हेतु केंद्र सरकार आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है और बिना गारंटी वाले सस्ते लोन भी उपलब्ध करा रही है, जिन पर केवल 5.75% ब्याज दर लागू है, जिससे सोलर सिस्टम की शुरुआती लागत कम हो जाती है.