Mutual Fund: भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में जुलाई के दौरान निवेशकों की दिलचस्पी मजबूत बनी रही. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में म्यूचुअल फंड स्कीम्स में कुल 2.35 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया. इस मजबूत निवेश प्रवाह के साथ 31 जुलाई 2026 तक म्यूचुअल फंड उद्योग का कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 85.76 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया.
आंकड़ों से पता चलता है कि जुलाई में सबसे ज्यादा निवेश डेट-ओरिएंटेड योजनाओं में आया. वहीं, इक्विटी म्यूचुअल फंड में भी निवेशकों का भरोसा बना रहा. बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इक्विटी योजनाओं में लगातार निवेश यह संकेत देता है कि निवेशक लंबी अवधि के नजरिए से बाजार में बने हुए हैं.
डेट फंड्स में आया सबसे ज्यादा निवेश
जुलाई में म्यूचुअल फंड की डेट-ओरिएंटेड योजनाएं निवेशकों की पहली पसंद रहीं. इन योजनाओं में 1.88 लाख करोड़ रुपये का नेट इन्फ्लो दर्ज किया गया. कुल म्यूचुअल फंड निवेश में डेट योजनाओं के योगदान ने जुलाई के कुल प्रवाह को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. डेट कैटेगरी में लिक्विड फंड्स सबसे आगे रहे. इनमें जुलाई के दौरान 1,19,065.85 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया. इसके बाद ओवरनाइट फंड्स में 40,412.55 करोड़ रुपये और मनी मार्केट फंड्स में 21,180.23 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया. इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि संस्थागत और कॉर्पोरेट निवेशक अल्पकालिक निवेश विकल्पों में सक्रिय बने हुए हैं.
इक्विटी म्यूचुअल फंड में भी निवेश जारी
जुलाई के दौरान इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड योजनाओं में 24,697 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया. शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों का इक्विटी फंड्स में निवेश जारी रहना बताता है कि लंबी अवधि के निवेश को लेकर उनका भरोसा कायम है. इक्विटी कैटेगरी में स्मॉल-कैप फंड्स ने सबसे ज्यादा निवेश आकर्षित किया. जुलाई में इनमें 7,767.50 करोड़ रुपये का नेट इन्फ्लो दर्ज किया गया.
इसके बाद मिड-कैप फंड्स में 6,192.31 करोड़ रुपये और फ्लेक्सी-कैप फंड्स में 4,709.08 करोड़ रुपये का निवेश आया. वहीं, लार्ज एंड मिड-कैप फंड्स में 3,425.34 करोड़ रुपये और मल्टी-कैप फंड्स में 3,227.29 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया. सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स में भी 1,328.27 करोड़ रुपये का निवेश आया.
इन इक्विटी फंड्स से निकला पैसा
जुलाई में सभी इक्विटी कैटेगरी में निवेश का रुझान एक जैसा नहीं रहा. कुछ योजनाओं से निवेशकों ने पैसा निकाला. आंकड़ों के अनुसार, लार्ज-कैप फंड्स से 1,321.69 करोड़ रुपये की निकासी हुई. इसके अलावा ELSS स्कीम्स से 959.13 करोड़ रुपये और डिविडेंड यील्ड फंड्स से 169.16 करोड़ रुपये का नेट आउटफ्लो दर्ज किया गया.
हाइब्रिड फंड्स में भी बढ़ी निवेशकों की दिलचस्पी
जुलाई में हाइब्रिड फंड्स में कुल 11,490.56 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया. इस कैटेगरी में आर्बिट्राज फंड्स सबसे आगे रहे. इनमें 6,502.44 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया. इसके बाद मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स में 3,753.38 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया.
ETF और गोल्ड ETF में कितना निवेश आया?
अन्य म्यूचुअल फंड योजनाओं में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) को भी जुलाई में अच्छा निवेश मिला. ETF में 9,512.05 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया. वहीं, गोल्ड ETF में 1,558.75 करोड़ रुपये और इंडेक्स फंड्स में 1,536.60 करोड़ रुपये का नेट इन्फ्लो आया.
AUM बढ़कर 85.76 लाख करोड़ रुपये पहुंचा
AMFI के आंकड़ों के मुताबिक, 31 जुलाई 2026 तक म्यूचुअल फंड उद्योग का कुल AUM 85,75,656.52 करोड़ रुपये रहा. वहीं, जुलाई के दौरान औसत AUM 86,33,798.38 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. उद्योग में सबसे बड़ा योगदान ओपन-एंडेड स्कीम्स का रहा. इनमें जुलाई के दौरान 2,36,595 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया और इनका कुल AUM बढ़कर 85.59 लाख करोड़ रुपये हो गया.
म्यूचुअल फंड फोलियो भी बढ़े
म्यूचुअल फंड उद्योग में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का अंदाजा फोलियो की संख्या से भी लगाया जा सकता है. AMFI के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक कुल 28.09 करोड़ फोलियो दर्ज किए गए. फोलियो की लगातार बढ़ती संख्या से पता चलता है कि देश में खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ रही है और म्यूचुअल फंड निवेश का दायरा लगातार विस्तृत हो रहा है.
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