जहाजों पर ड्रोन हमलों से यूक्रेन पर भड़का रूस, अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप

Moscow: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच दोनों पक्ष एक-दूसरे पर नागरिक और महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने के आरोप लगाते रहे हैं. रूस के विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह जानबूझकर उन इलाकों को निशाना बना रहा है, जहां बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक रहते और काम करते हैं. रूस का दावा है कि ऐसे हमलों का मकसद न केवल लोगों में डर पैदा करना है, बल्कि रूस और उसके मित्र देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों में भी दरार डालना है.

ड्रोन हमले को लेकर यूक्रेन पर साधा निशाना 

रूसी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने निजनेकाम्स्क में हुए कथित ड्रोन हमले को लेकर यूक्रेन पर निशाना साधा. रूस की ओर से दावा किया कि इस इलाके में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक रहते हैं और उन्हें जानबूझकर हमले का निशाना बनाया गया. जाखारोवा ने कहा कि आम नागरिकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है. उनके मुताबिक हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें ज्यादातर विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं.

20 विदेशी नागरिक घायल 

शुरुआती जानकारी के मुताबिक मृतकों में उज्बेकिस्तान के 8 और ताजिकिस्तान का एक नागरिक शामिल है. इसके अलावा करीब 20 विदेशी नागरिकों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है. रूसी विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि यूक्रेनी सेना की ऐसी कार्रवाई का असर केवल रूस के नागरिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे रूस में रहने वाले दूसरे देशों के लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है. इससे मित्र देशों के साथ उसके रिश्ते खराब हो सकते हैं.

घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना

रूस ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कथित हमले की निंदा करने की अपील भी की. इससे पहले तातारस्तान के प्रशासन ने बताया था कि 10 अगस्त को क्षेत्र में ड्रोन हमला हुआ था. रूसी अधिकारियों ने तातारस्तान में औद्योगिक और नागरिक ठिकानों पर हुए कथित हमलों को लेकर आपराधिक मामला भी दर्ज किया है.

आपराधिक संहिता की धारा 205 के तहत दर्ज

यह मामला रूसी आपराधिक संहिता की धारा 205 के तहत दर्ज किया गया है. घटना के बाद पूरे तातारस्तान में शोक दिवस घोषित किया गया. 19 जुलाई 2026 को MV Golden Leo पर रूसी मिसाइल हमले में 4 भारतीय नाविकों की मौत हुई. एक अन्य भारतीय नाविक गंभीर रूप से घायल हुआ. 18 जुलाई, 2026 MV Omorfi पर हमले में 1 भारतीय नाविक की मौत हुई. इस मामले में भारत ने यूक्रेन के राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया था.

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