US-Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता, तब तक वह होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोलेगा. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यह जानकारी दी. ईरान ने जलडमरूमध्य खोलने के बदले युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा, आर्थिक प्रतिबंध हटाने और विदेशों में जमा ईरानी संपत्तियों को मुक्त करने की भी मांग रखी है.
बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का सबसे बड़ा केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलडमरूमध्य बना हुआ है. दुनिया के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, क्योंकि यहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आवाजाही होती है. ईरान ने कहा है कि ओमान के साथ होर्मुज को संचालित करने को लेकर किसी संभावित समझौते से अकेले इस समुद्री मार्ग को दोबारा खोलना संभव नहीं होगा.
अमेरिका के सामने कई शर्तें
ईरान ने इसके लिए अमेरिका के सामने कई शर्तें रखी हैं. जब तक अमेरिका इन शर्तों को स्वीकार नहीं करता, तब तक होर्मुज को खोलने का रास्ता साफ नहीं होगा. इस स्थिति का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ा है और तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. अगर होर्मुज लंबे समय तक बंद रहता है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के साथ बातचीत को लेकर अपना रुख और सख्त कर दिया है.
गलत कामों के लिए मुआवजे की मांग
ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान से अब तक में किए गए सारे गलत कामों के लिए मुआवजे की मांग करेगा. ट्रंप ने रविवार को संकेत दिया था कि अमेरिका फिलहाल ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है और बातचीत को प्राथमिकता नहीं दे रहा. वहीं ईरान का कहना है कि वह अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं कर रहा है. दोनों देशों के बीच बढ़ती बयानबाजी और शर्तों के कारण तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता दिखाई दे रहा है.