Onion Mandi Price: प्याज की कीमतों में तेजी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. रोजमर्रा के खाने से लेकर सलाद तक में इस्तेमाल होने वाली प्याज अब लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है. मौजूदा समय में कई जगहों पर प्याज 55 से 60 रुपये किलो तक बिक रही है. कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच लोगों की नजर अब उन मंडियों पर भी है, जहां प्याज की थोक खरीद-बिक्री होती है.
ऐसे में एक सवाल यह भी है कि आखिर एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी कहां स्थित है और वहां प्याज का थोक भाव कितना चल रहा है. महाराष्ट्र के नासिक जिले की लासलगांव मंडी इसी वजह से चर्चा में है.
कहां है एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी?
महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित लासलगांव देश की प्रमुख प्याज मंडियों में शामिल है. इसे एशिया की सबसे बड़ी प्याज की थोक मंडी के तौर पर जाना जाता है. यहां बड़ी मात्रा में प्याज की खरीद और बिक्री होती है और देश के अलग-अलग हिस्सों में इसकी सप्लाई होती है. प्याज के बाजार भाव में होने वाले बदलाव के बीच लासलगांव मंडी के थोक रेट को काफी अहम माना जाता है. अगस्त 2026 में यहां प्याज के भाव में भी तेजी देखने को मिली है.
लासलगांव में कितने रुपये किलो है प्याज का थोक भाव?
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अगस्त 2026 में नासिक जिले की लासलगांव मंडी में प्याज का थोक रेट करीब 40 से 42 रुपये प्रति किलो के आसपास बताया गया है. अगर एक क्विंटल यानी 100 किलो प्याज की कीमत देखें तो इसका थोक भाव करीब 4,000 से 4,251 रुपये प्रति क्विंटल तक बताया गया है.
हालांकि, मंडी में प्याज की कीमत हर खेप के लिए एक जैसी नहीं होती. प्याज की क्वालिटी और साइज के आधार पर इसके भाव में अंतर हो सकता है. मंडी के उपलब्ध हालिया आंकड़ों में भी लासलगांव में प्याज के भाव में तेजी दिखाई देती है. 24 अगस्त के एक उपलब्ध मंडी आंकड़े में अधिकतम भाव 4,251 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया था.
आम बाजार में 55-60 रुपये किलो क्यों बिक रही प्याज?
लासलगांव जैसी थोक मंडी में प्याज का भाव करीब 40 से 42 रुपये किलो होने के बावजूद आम बाजार में इसकी कीमत 55 से 60 रुपये किलो तक पहुंच गई है. यही अंतर आम उपभोक्ताओं के लिए प्याज को महंगा बना रहा है. प्याज के मंडी भाव और खुदरा कीमत के बीच परिवहन, उपलब्धता, गुणवत्ता और बिक्री से जुड़े अन्य खर्चों का भी असर पड़ता है. हाल के दिनों में प्रमुख शहरों के खुदरा बाजारों में प्याज के दाम 50-60 रुपये किलो तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है.
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं प्याज के दाम?
प्याज की कीमतों में तेजी के पीछे एक नहीं, बल्कि कई वजहें बताई जा रही हैं. देश के कई हिस्सों में लगातार हुई मूसलाधार बारिश से फसल और खेती को नुकसान पहुंचा है. इसका सीधा असर प्याज की उपलब्धता पर पड़ा है. बारिश और फसल से जुड़ी दिक्कतों के कारण मंडियों में पहले की तुलना में प्याज की आवक कम हो रही है.
जब बाजार में प्याज की सप्लाई घटती है और दूसरी तरफ मांग बनी रहती है, तो कीमतों पर इसका असर पड़ता है. इसके अलावा त्योहारों का समय नजदीक आने के साथ प्याज की मांग बढ़ रही है. बाजार में उपलब्ध स्टॉक कम होने और मांग बढ़ने से भी प्याज के भाव में तेजी देखी जा रही है.
प्याज की कीमत बढ़ने की प्रमुख वजहें
- देश के कई राज्यों में लगातार मूसलाधार बारिश से प्याज की फसल और खेती को नुकसान पहुंचा है.
- फसल प्रभावित होने के कारण मंडियों में प्याज की आवक पहले की तुलना में कम हो रही है.
- त्योहारों के नजदीक आने से प्याज की मांग बढ़ रही है.
- बाजार में प्याज का स्टॉक कम होने से कीमतों पर दबाव बढ़ा है.
- कम सप्लाई और बढ़ती मांग के बीच खुदरा बाजार में प्याज महंगी हो रही है.
यही वजह है कि थोक मंडियों से लेकर खुदरा बाजार तक प्याज की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. हालिया रिपोर्टों में लासलगांव में थोक कीमतों में एक सप्ताह के भीतर भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज होने की बात सामने आई है.
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