New Delhi: भारतीय महिला हॉकी टीम विश्व कप में अपने अंतिम मुकाबले में गुरूवार को जर्मनी के खिलाफ मैदान पर उतरेगी. सेमीफाइनल में जगह नहीं बनाने से चूकने के बाद भारतीय टीम अब पांचवे स्थान के मुकाबले में जीत दर्ज कर टूर्नामेट का शानदार अंत करना चाहेगी. मैच का नतीजा चाहे जो हो, यह पिछले 52 साल में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होगा. कोच मारिन ने कहा कि टीम अब तरोताजा होकर आखिरी मैच में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी. पिछले मैच में मिले झटके से उबरने के लिये यह विश्राम बहुत जरूरी था.
निराशा से उबर चुकी है टीम
अब नये जोश और ताजगी के साथ टीम जर्मनी के खिलाफ खेलेगी. उन्होंने कहा कि सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाने की निराशा से टीम उबर चुकी है और अब पूरा फोकस जर्मनी को हराकर जीत के साथ टूर्नामेंट से विदा लेने पर है. हम अपने खेल में सुधार और एशियाई खेलों के लिये बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं. इस साल शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय महिला टीम ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है.
आखिरी मैच गोलरहित ड्रॉ नहीं रहता
आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे पूल चरण का आखिरी मैच अगर गोलरहित ड्रॉ नहीं रहता तो भारतीय टीम सेमीफाइनल खेल रही होती. तीन दिन के ब्रेक ने उस हार की मायूसी को भुलाने में मदद की होगी और अब पांचवीं रैंकिंग वाली दो बार की चैम्पियन जर्मन टीम की कठिन चुनौती का सामना करना है जो विश्व कप से पहले दो अभ्यास मैचों में उसे हरा चुकी है. इससे पहले हुए 15 विश्व कप में से आठ ही खेल सकी भारतीय टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 में फ्रांस में ही पहले टूर्नामेंट में रहा था, जब अजिंदर कौर की कप्तानी में टीम चौथे स्थान पर रही थी.
विश्व कप में भारतीय टीम नौवें स्थान पर
एम्सटेलवीन और स्पेन के टेरेसा में खेले गए विश्व कप में भारतीय टीम नौवें स्थान पर रही थी. पहली बार विश्व कप खेल रही 11 युवा खिलाड़ियों को लेकर उतरे कोच शोर्ड मारिन की टीम ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया है और अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले उसका आत्मविश्वास बढा होगा, जहां स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिये सीधे क्वालीफाई करने का मौका है.
दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया
टूर्नामेंट की शुरूआत में ही ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 2 -2 से ड्रॉ पर रोकने वाली भारतीय टीम ने दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका को 6 -1 से हराया और छह अलग- अलग खिलाड़ियों ने गोल किये. आखिरी पूल मैच गोलरहित ड्रॉ रहने पर भारत ने पूल डी में दूसरे स्थान पर रहकर दूसरे दौर में जगह बनाई थी. दूसरे दौर में ओलंपिक और विश्व कप चैम्पियन नीदरलैंड को भारत ने खुलकर खेलने नहीं दिया और मेजबान टीम पेनल्टी कॉर्नर पर ही दो गोल कर सकी.
भारत की एकमात्र हार
यह टूर्नामेंट में भारत की एकमात्र हार थी और उसे अगले मैच में हर हालत में आस्ट्रेलिया को हराना था लेकिन, वह मैच भी गोलरहित ड्रॉ रहा जिससे सेमीफाइनल खेलने का सपना टूट गया.
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