GSMA की रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक भारत में 62 प्रतिशत लोगों के पास 5G कनेक्शन होने का अनुमान है. रिपोर्ट में डिजिटल स्किल्स, साइबर सिक्योरिटी, AI और डिजिटल भरोसे को भारत के लिए अहम प्राथमिकताएं बताया गया है.
Maruti Fronx ने 38 महीनों से कम समय में 2 लाख यूनिट निर्यात कर नया रिकॉर्ड बनाया है. कंपनी के मुताबिक, फ्रोंक्स भारत की सबसे तेज 2 लाख यूनिट निर्यात करने वाली SUV बन गई है.
Razorpay ने भारत के पेमेंट्स इकोसिस्टम के लिए AI फाउंडेशन मॉडल Vulcan लॉन्च किया है. कंपनी का दावा है कि इससे पेमेंट सक्सेस रेट में 10 प्रतिशत तक सुधार और अंतरराष्ट्रीय कार्ड फ्रॉड की पहचान क्षमता में 8 गुना तक बढ़ोतरी हुई है.
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परमिट प्रणाली के तहत आने वाले EV, हाइड्रोजन और CNG वाणिज्यिक वाहनों की उम्र सीमा 5 साल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है. इसके साथ राष्ट्रीय परमिट और वाहन पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की भी तैयारी है.
Sensex opening Bell: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों के 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने से हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को भी भारतीय शेयर बाजार...
LPG Rate Today: शादियों और त्योहारों के सीजन से पहले सरकार ने LPG सप्लाई को लेकर बड़ा फैसला लिया है. देश की रिफाइनरियों और तेल कंपनियों को रोज 63,810 मीट्रिक टन LPG उत्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. जानें आज के शहरवार LPG सिलेंडर के दाम.
Gold Silver Price Today: अगर आप सोने चांदी की खरीदारी करने की सोच रहे हैं, या फिर सोने चांदी में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह आज आपके लिए जरुरी खबर है. बता दें कि सर्राफा बाजार में...
Sensex Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ. दिन के अंत में सेंसेक्स 281.09 अंक या 0.36 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 77,728.16 और निफ्टी 78.35 अंक या 0.32 प्रतिशत की...
कर्नाटक सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने QR कोड आधारित शिकायत प्रबंधन प्रणाली शुरू की है. इसके जरिए दवा, फार्मेसी, होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायतें आसानी से दर्ज की जा सकेंगी.
सरकारी तेल विपणन कंपनियों की कमाई पर LPG अंडर-रिकवरी का दबाव बढ़ा है. CareEdge Ratings के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में तीन प्रमुख OMCs को करीब 13,700 करोड़ रुपए की संयुक्त अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ा.
बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.