Islamabad: पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने चेतावनी दी है कि अगर देश में ईंधन की कमी पैदा हुई तो पेट्रोल की कीमत 1,000 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक तेल बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है. आर्थिक दबाव से जूझ रहे पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों को लेकर सरकार की चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है.
आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त दबाव
पाकिस्तान पहले से ही विदेशी मुद्रा, महंगाई और ऊर्जा आयात से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी देश के आयात बिल औरआम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है. फिलहाल 1,000 रुपये प्रति लीटर का आंकड़ा मंत्री की चेतावनी में संभावित स्थिति के रूप में सामने आया है. लाहौर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अली परवेज मलिक ने कहा कि पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में पहले ही करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है.
पाकिस्तान में ईंधन की उपलब्धता प्रभावित
उन्होंने कहा कि यूरोप और अमेरिका में भी ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. मंत्री ने संकेत दिया कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति और बिगड़ती है तथा पाकिस्तान में ईंधन की उपलब्धता प्रभावित होती है, तो घरेलू बाजार में कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है. पेट्रोलियम मंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान हूती विद्रोहियों के हमलों को स्वीकार नहीं करता. क्षेत्र में संघर्ष और समुद्री मार्गों पर बढ़ते जोखिम के कारण तेल की आपूर्ति तथा अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर असर पड़ने की चिंता बनी हुई है.
समाज के कमजोर वर्गों को राहत देने के उपाय
पाकिस्तानी सरकार का कहना है कि वह बढ़ती ईंधन कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए समाज के कमजोर वर्गों को राहत देने के उपाय कर रही है. मलिक ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी सरकार की रणनीति का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि देश में तेल और गैस के स्थानीय स्रोतों को बढ़ावा देने तथा ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं.
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