Petrol Diesel Price Today: दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर दिखने लगा है. ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव के चलते पिछले करीब दो महीनों से इस रास्ते पर दबाव बना हुआ है, जिससे कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है. दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल इसी रास्ते से गुजरता है और भारत जैसे देश के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
अब इस वैश्विक तनाव का असर घरेलू बाजार में भी साफ दिखने लगा है. शुक्रवार सुबह सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट जारी किए, जिनमें कई शहरों में बदलाव देखने को मिला है. खास बात यह है कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद अब ईंधन की कीमतों में भी हलचल शुरू हो गई है, जिससे आने वाले दिनों में आम लोगों की जेब पर और बोझ बढ़ सकता है.
NCR में बदले पेट्रोल-डीजल के दाम
- दिल्ली-एनसीआर के शहरों में आज कीमतों में अलग-अलग रुख देखने को मिला है. कहीं बढ़ोतरी हुई है तो कहीं राहत भी मिली है.
- नोएडा में पेट्रोल 42 पैसे महंगा होकर 95.16 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल 50 पैसे बढ़कर 88.31 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है. यह बढ़ोतरी स्थानीय उपभोक्ताओं के लिए सीधा असर डालने वाली है.
- वहीं गाजियाबाद में कीमतों में थोड़ी राहत देखने को मिली है. यहां पेट्रोल 31 पैसे सस्ता होकर 94.58 रुपये प्रति लीटर हो गया है और डीजल 36 पैसे गिरकर 87.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है.
- गुरुग्राम में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई है. यहां पेट्रोल 9 पैसे सस्ता होकर 95.48 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल 9 पैसे गिरकर 87.94 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.
चारों महानगरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
देश के चार बड़े महानगरों में फिलहाल कीमतें इस स्तर पर बनी हुई हैं:
- दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर
- मुंबई में पेट्रोल 103.44 रुपये और डीजल 89.97 रुपये प्रति लीटर
- चेन्नई में पेट्रोल 100.76 रुपये और डीजल 92.35 रुपये प्रति लीटर
- कोलकाता में पेट्रोल 104.95 रुपये और डीजल 91.76 रुपये प्रति लीटर
इन आंकड़ों से साफ है कि महानगरों में कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बीते 24 घंटे के दौरान गिरावट दर्ज की गई है. कच्चे तेल का वैश्विक भाव घटकर करीब 111.16 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया है, जबकि अमेरिकी कच्चा तेल भी करीब 105.70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चल रहा है. हालांकि, वैश्विक बाजार में गिरावट के बावजूद घरेलू बाजार में इसका सीधा फायदा तुरंत नहीं दिखता, क्योंकि इसमें टैक्स, परिवहन लागत और रुपये की स्थिति जैसे कई अन्य कारक भी शामिल होते हैं.
आगे क्या होगा? आम आदमी पर असर तय
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी और अब पेट्रोल-डीजल के दामों में हो रहे बदलाव इस बात का संकेत हैं कि आने वाले समय में महंगाई का दबाव बढ़ सकता है.ट्रांसपोर्ट महंगा होगा तो इसका असर खाने-पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ेगा. अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बना रहता है, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.