शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे की मजबूती के साथ खुला. RBI की आर्बिट्रेज पोजीशन खत्म करने की डेडलाइन और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार की दिशा तय की है. विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार फिलहाल सतर्क रुख में है.
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार चौथे दिन मजबूत हुआ है और 92.61 प्रति डॉलर पर पहुंच गया है. अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई, जिससे बाजार को राहत मिली. जानें सोना-चांदी के दाम, RBI की नीति और आगे क्या रहेगा असर.
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच तेल की कीमतों में उछाल से दुनिया भर में असर दिख रहा है. कई देशों में पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ और कुछ जगहों पर राशनिंग शुरू हो गई.
ईरान ने अमेरिका से बातचीत से इनकार कर दिया है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है. इसका असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ा और कीमतें 100 डॉलर पार पहुंच गईं. भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका बड़ा असर हो सकता है.