पेट्रोल-डीजल पर संकट: होर्मुज तनाव से तेल के दाम उछले, दुनिया भर में महंगाई का खतरा

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Petrol Diesel Price Hike: ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ता तनाव अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भारी पड़ने लगा है. डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं. इस टकराव का सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ा है, जिससे पूरी दुनिया में महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है.

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इस तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.4 प्रतिशत बढ़कर 110.60 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि अमेरिकी क्रूड 1.8 प्रतिशत उछलकर 113.60 डॉलर प्रति बैरल हो गया. यह तेजी बताती है कि बाजार इस स्थिति को कितना गंभीर मान रहा है.

दुनिया की 20% तेल सप्लाई का रास्ता खतरे में

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है. यहां से हर साल वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है. ऐसे में अगर इस मार्ग में जरा भी बाधा आती है, तो उसका असर पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार पर पड़ना तय है. यही वजह है कि इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन गया है.

टैंकर आवाजाही में भारी गिरावट, सप्लाई चेन पर असर

मौजूदा हालात का असर अब समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स पर भी साफ दिखाई देने लगा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मार्ग पर टैंकरों की आवाजाही में करीब 90 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है.

इससे न केवल तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, बल्कि वैश्विक खाद्य और उर्वरक आपूर्ति शृंखलाओं पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं. यह स्थिति धीरे-धीरे एक बड़े आर्थिक संकट का रूप ले सकती है.

एशिया और यूरोप पर पड़ सकता है सबसे ज्यादा असर

विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह तनाव लंबा चलता है, तो एशिया और यूरोप के वे देश सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, जो ऊर्जा आयात पर निर्भर हैं. ओपेक+ ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है और कहा है कि ऊर्जा ढांचे को हुए नुकसान और सप्लाई में रुकावट का खतरा बढ़ गया है. बाजार में अस्थिरता बढ़ने से निवेशकों में भी घबराहट का माहौल बन गया है, जिसका असर शेयर बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है.

अमेरिका में बढ़ी महंगाई, ईंधन के दाम रिकॉर्ड स्तर पर

इस संकट का असर अमेरिका के घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है. कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से वहां गैसोलीन और जेट ईंधन महंगे हो गए हैं.

अमेरिका में गैसोलीन की औसत कीमत बढ़कर 4.11 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है, जो हाल के समय का उच्चतम स्तर है. वहीं जेट ईंधन की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल आया है और कुछ ही हफ्तों में इसके दाम दोगुने से ज्यादा हो गए हैं.

भारत समेत दुनिया पर मंडरा रहा महंगाई का खतरा

तेल की कीमतों में इस तेजी का असर भारत समेत कई देशों पर भी पड़ सकता है. अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा है. बढ़ती ऊर्जा कीमतें महंगाई को और बढ़ा सकती हैं और आर्थिक दबाव को तेज कर सकती हैं.

वैश्विक संकट की ओर बढ़ते हालात

कुल मिलाकर देखा जाए तो होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ता तनाव अब केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह एक वैश्विक संकट का रूप लेता जा रहा है. अगर जल्द ही हालात सामान्य नहीं हुए, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर गहराई से पड़ेगा.

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