Sensex closing bell: पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बीच वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के चलते सप्ताह के आखिरी कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ. कारोबारी सत्र की शुरुआत हरे निशान में हुई थी. कारोबार के अंत में बाजारों में अचानक भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसमें सेंसेक्स लगभग 1,300 अंक गिर गया और निफ्टी 50 फिसलकर 23,485 पर आ गया.
वहीं बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,092.06 अंकों यानी 1.44 प्रतिशत गिरकर 74,775.74 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 359.40 अंक यानी 1.50 प्रतिशत गिरकर 23,547.75 पर आ गया. कारोबार के दौरान, सेंसेक्स 75,988.51 पर खुलकर 76,220.02 का इंट्रा-डे हाई और 74,589.11 का लो बनाया. वहीं एनएसई निफ्टी 23,902.15 पर खुलकर 24,002.80 का दिन का हाई और 23,484.75 का लो बनाया.
इन शेयरों में आई गिरावट
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.33 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.85 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. वहीं सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 2.47 प्रतिशत की गिरावट, निफ्टी मेटल में 2.02 प्रतिशत की गिरावट और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस एक्स-बैंक में 2.02 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा, निफ्टी ऑटो, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. वहीं निफ्टी आईटी इंडेक्स में 0.60 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई.
निफ्टी50 इंडेक्स में टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, विप्रो, नेस्ले इंडिया और एलएंडटी के शेयरों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई, जबकि पावरग्रिड, इंडिगो, ओएनजीसी, मैक्सहेल्थ, आयशर मोटर और टाटा कंज्यूमर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
इस दौरान, एक ही सत्र में निवेशकों को करीब 6 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ, क्योंकि बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) पिछले सत्र के लगभग 471 लाख करोड़ रुपए से गिरकर करीब 465 लाख करोड़ रुपए हो गया.

