PM Ujjwala Yojana: प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लागू होने के बाद देश में एलपीजी की पहुंच तेजी से बढ़ी है और अब यह लगभग हर घर तक पहुंच चुकी है. संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, 1 मार्च 2026 तक देशभर में करीब 10.56 करोड़ पीएमयूवाई कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं. इनमें महाराष्ट्र में 52.60 लाख और गुजरात में 43.92 लाख कनेक्शन शामिल हैं, जो इस योजना की व्यापक सफलता को दर्शाते हैं.
सरकार का नया लक्ष्य, 25 लाख और कनेक्शन
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने की मंजूरी दी है. इसका उद्देश्य लंबित आवेदनों को पूरा करना और एलपीजी की पहुंच को पूरी तरह सुनिश्चित करना है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि इस विस्तार के तहत 1 मार्च 2026 तक महाराष्ट्र में लगभग 0.48 लाख और गुजरात में करीब 0.87 लाख नए कनेक्शन दिए गए हैं.
एलपीजी उपयोग में भी बढ़ोतरी
पीएमयूवाई शुरू होने से पहले देश में एलपीजी कवरेज करीब 62 प्रतिशत थी, जो अब काफी बढ़ चुकी है. इसके साथ ही उपभोक्ताओं द्वारा एलपीजी के उपयोग में भी वृद्धि हुई है. वर्ष 2021-22 में जहां औसतन 3.68 सिलेंडर प्रति वर्ष उपयोग किए जाते थे, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 4.80 सिलेंडर हो गया है.
सप्लाई नेटवर्क हुआ मजबूत
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) ने एलपीजी सप्लाई व्यवस्था को भी काफी मजबूत किया है. सुरेश गोपी ने कहा, 1 मार्च 2026 तक देश में कुल 25,605 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर हैं, जिनमें से 17,677 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, जिनकी सप्लाई के लिए 214 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट काम कर रहे हैं.
ग्रामीण इलाकों में खास फोकस
ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में एलपीजी की पहुंच बढ़ाने के लिए अप्रैल 2016 से फरवरी 2026 के बीच 8,037 नए डिस्ट्रीब्यूटर शुरू किए गए. इनमें से 93 प्रतिशत यानी 7,444 डिस्ट्रीब्यूटर ग्रामीण इलाकों में स्थापित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण भारत में साफ ईंधन की उपलब्धता बढ़ी है.
सब्सिडी से उपभोक्ताओं को राहत
सरकार पीएमयूवाई उपभोक्ताओं को सस्ता एलपीजी उपलब्ध कराने के लिए सब्सिडी भी दे रही है. मंत्री के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर 300 रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है (और 5 किलो सिलेंडर पर भी अनुपातिक रूप से), जो अधिकतम 9 रिफिल तक लागू है.
‘सक्षम’ पहल से जागरूकता
इसके अलावा ‘सक्षम’ पहल के तहत ऑयल कंपनियां ऊर्जा बचत और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए लोगों को जागरूक कर रही हैं.
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