Qualcomm Tata Deal: क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे असम के जागीरोड में बन रही टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट सुविधा में क्वालकॉम के ऑटोमोटिव मॉड्यूल का संयुक्त रूप से निर्माण करेंगे. ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत यह साझेदारी डिजिटल कॉकपिट, इंफोटेनमेंट, कनेक्टिविटी और स्मार्ट वाहन प्रणालियों से जुड़ी उन्नत तकनीकों का उत्पादन भारत में ही करने पर केंद्रित होगी.
घरेलू निर्माण से मजबूत होगी सप्लाई चेन
इन मॉड्यूल्स का घरेलू निर्माण भारतीय और वैश्विक वाहन निर्माताओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ-साथ सप्लाई चेन को अधिक लचीला और विविध बनाने में मदद करेगा. एक बयान में कहा गया कि इस नए सहयोग के साथ टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज के वैश्विक मॉड्यूल निर्माण साझेदारों के नेटवर्क में शामिल हो गया है, जिसका उद्देश्य मॉड्यूलर ऑटोमोटिव प्लेटफॉर्म की बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करना है.
स्नैपड्रैगन आधारित तैयार-उत्पादन मॉड्यूल
जारी बयान के मुताबिक, क्वालकॉम के ऑटोमोटिव मॉड्यूल्स में स्नैपड्रैगन डिजिटल चेसिस के सिस्टम-ऑन-चिप को आवश्यक हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर कंपोनेंट्स के साथ जोड़कर एक पूर्ण, उत्पादन-तैयार मॉड्यूल बनाया जाता है. यह मॉड्यूल वाहन निर्माताओं को एक संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है. कंपनियों का कहना है कि आसान सिस्टम डिजाइन और तेज विकास प्रक्रिया के कारण ये मॉड्यूल स्केलेबल और तुरंत इस्तेमाल योग्य आर्किटेक्चर प्रदान करेंगे, जिससे ऑटो उद्योग को सॉफ्टवेयर-डिफाइंड वाहनों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी.
उद्योग के लिए विनिर्माण क्षमता का विस्तार जरूरी
क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज के ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रियल और एम्बेडेड आईओटी एवं रोबोटिक्स विभाग के ईवीपी और ग्रुप जीएम नकुल दुग्गल ने कहा कि जैसे-जैसे उद्योग एकीकृत और मॉड्यूल-आधारित आर्किटेक्चर की ओर तेजी से बढ़ रहा है, प्रमुख क्षेत्रों में विनिर्माण क्षमता का विस्तार आवश्यक हो जाता है.
वहीं, क्वालकॉम इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और अध्यक्ष सावी सोइन ने कहा कि समग्र और आसानी से एकीकृत किए जा सकने वाले समाधान प्रदान करके कंपनी वाहन निर्माताओं को डिजाइन की जटिलता कम करने और अगली पीढ़ी के वाहनों को तेजी से बाजार में लाने में मदद कर रही है.
भारत की पहली स्वदेशी OSAT सुविधा
सोइन ने आगे बताया कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के जरिए भारत में निर्माण करने से कंपनी की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, जिससे वह भारतीय और वैश्विक ओईएम (वाहन निर्माताओं) को अधिक लचीलापन और मजबूत सप्लाई चेन के साथ बेहतर सहयोग दे सकेगी. असम के जागीरोड में विकसित की जा रही ग्रीनफील्ड, उच्च क्षमता वाली सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट सुविधा भारत की पहली स्वदेशी ओएसएटी (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) इकाई होगी, जिसे लगभग 3 अरब डॉलर के निवेश से तैयार किया जा रहा है.
वायर बॉन्ड और फ्लिप-चिप जैसी उन्नत तकनीकें
यह अत्याधुनिक सुविधा वायर बॉन्ड, फ्लिप-चिप और इंटीग्रेटेड सिस्टम्स पैकेजिंग (ISP) जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों पर आधारित होगी तथा ऑटोमोटिव, कम्युनिकेशन, आईओटी और एआई जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए आवश्यक उन्नत इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का निर्माण करेगी.
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