वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 863 अरब डॉलर का रिकॉर्ड एक्सपोर्ट किया, जिसमें 110 अरब डॉलर की हिस्सेदारी के साथ गुजरात देश का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट करने वाला राज्य बन गया. मजबूत औद्योगिक नीतियों, आधुनिक पोर्ट, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर जैसे नए सेक्टर्स में निवेश ने गुजरात को एक्सपोर्ट का नया पावरहाउस बना दिया है.
Dreamfly Innovations ने बेंगलुरु में 40,000 वर्ग फुट का एविएशन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की घोषणा की है. यह भारत की सबसे बड़ी ड्रोन बैटरी निर्माण इकाइयों में शामिल होगा और Make in India को नई ताकत देगा।
केंद्रीय कैबिनेट ने ₹62,500 करोड़ की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को मंजूरी दे दी है. यह योजना 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी और मोबाइल उत्पादन, निर्यात, घरेलू विनिर्माण तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी.
भारत ने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड बनाया है. वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि रक्षा निर्यात भी 38,424 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर रहा.
भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) की रिपोर्ट में कहा गया है कि औद्योगिक जमीन तक आसान पहुंच और पारदर्शिता की कमी भारत के मैन्युफैक्चरिंग हब बनने में बड़ी बाधा बनी हुई है.
Volkswagen Taigun: स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने मंगलवार को पुणे स्थित अपने विनिर्माण संयंत्र में अपडेटेड फॉक्सवैगन टाइगुन का उत्पादन शुरू करने का ऐलान किया है. इस कदम से कंपनी की ‘मेक इन इंडिया, फॉर इंडिया एंड...
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेक इन इंडिया पहल से महिलाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिल रहा है. भारत की आईफोन फैक्ट्रियों में एक लाख से ज्यादा महिलाएं काम कर रही हैं.
Qualcomm और Tata Electronics असम के जागीरोड में ऑटोमोटिव चिप मॉड्यूल का निर्माण करेंगे. 3 अरब डॉलर की OSAT सुविधा से भारत स्मार्ट व्हीकल टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर निर्माण में वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाएगा.
PLI स्कीम के तहत देश में 2.16 लाख करोड़ रुपए का निवेश और 14.39 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं. मोबाइल, आईटी हार्डवेयर, दवा और टेलीकॉम उत्पादन में तेजी आई है, जिससे भारत वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है.