Mobile Phone Manufacturing Scheme से भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई गति मिलने की उम्मीद है. ECMS के तहत 106 परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें 38 प्लांट उत्पादन शुरू कर चुके हैं.
Maruti Fronx ने 38 महीनों से कम समय में 2 लाख यूनिट निर्यात कर नया रिकॉर्ड बनाया है. कंपनी के मुताबिक, फ्रोंक्स भारत की सबसे तेज 2 लाख यूनिट निर्यात करने वाली SUV बन गई है.
Manufacturing Sector: भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से आर्थिक विकास का अहम आधार बन रहा है. रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल निर्माण और सेमीकंडक्टर में निवेश के साथ उत्पादन और निर्यात में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज हुई है.
Container Manufacturing Assistance Scheme: केंद्र सरकार की प्रस्तावित CMAS योजना से घरेलू कंटेनर निर्माण को बढ़ावा देने, आयातित खाली कंटेनरों पर निर्भरता घटाने और 53 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने की उम्मीद है.
MSME ZED Scheme: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को गुणवत्ता और पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण के लिए प्रोत्साहित करने वाली केंद्र सरकार की सस्टेनेबल जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट (ZED) सर्टिफिकेशन योजना को लगातार अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है. मंगलवार...
भारत सरकार ने 2030 तक 10,000 GI रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य तय किया है. देश में 800 से ज्यादा GI प्रोडक्ट्स रजिस्टर्ड हैं. जानिए GI टैग कैसे कारीगरों, किसानों और पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान और बेहतर बाजार दिलाने में मदद कर रहा है.
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 863 अरब डॉलर का रिकॉर्ड एक्सपोर्ट किया, जिसमें 110 अरब डॉलर की हिस्सेदारी के साथ गुजरात देश का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट करने वाला राज्य बन गया. मजबूत औद्योगिक नीतियों, आधुनिक पोर्ट, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर जैसे नए सेक्टर्स में निवेश ने गुजरात को एक्सपोर्ट का नया पावरहाउस बना दिया है.
Dreamfly Innovations ने बेंगलुरु में 40,000 वर्ग फुट का एविएशन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की घोषणा की है. यह भारत की सबसे बड़ी ड्रोन बैटरी निर्माण इकाइयों में शामिल होगा और Make in India को नई ताकत देगा।
केंद्रीय कैबिनेट ने ₹62,500 करोड़ की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को मंजूरी दे दी है. यह योजना 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी और मोबाइल उत्पादन, निर्यात, घरेलू विनिर्माण तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी.
भारत ने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड बनाया है. वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि रक्षा निर्यात भी 38,424 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर रहा.