RBI Inflation Forecast: अगर आपको लग रहा है कि आने वाले समय में महंगाई से राहत मिलेगी, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का ताजा अनुमान आपके लिए बेहद अहम है. केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2027 के लिए खुदरा महंगाई (Retail Inflation) का नया अनुमान जारी किया है. RBI का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है, लेकिन वैश्विक अस्थिरता और मौसम से जुड़े जोखिमों के कारण आने वाले महीनों में महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है.
FY27 में 5% रह सकती है खुदरा महंगाई
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति के फैसलों का ऐलान करते हुए कहा कि FY27 के लिए खुदरा महंगाई दर 5% रहने का अनुमान लगाया गया है. गवर्नर ने कहा, “वैश्विक अस्थिरता के कारण छोटी अवधि में महंगाई दर में बढ़ोतरी हो सकती है.” गवर्नर ने कहा, “लगातार 16 महीनों तक केंद्रीय बैंक के लक्ष्य 4 प्रतिशत से नीचे रहने के बाद खुदरा महंगाई दर जून में बढ़कर 4.4% हो गई है.” उन्होंने बताया कि पहली तिमाही में महंगाई दर RBI के पहले के अनुमान से 30 आधार अंक कम रही, जिससे पता चलता है कि इनपुट लागत के दबाव का असर सीमित रहा.
कोर महंगाई अब भी नियंत्रण में
RBI के मुताबिक, खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद कोर महंगाई (जिसमें खाने-पीने की चीजें और ईंधन शामिल नहीं हैं) मई और जून के दौरान 3.9 प्रतिशत पर स्थिर रही. वहीं, कीमती धातुओं को छोड़कर कोर महंगाई 2.3 से 2.5 प्रतिशत रही, जिससे पता चलता है कि मांग-पक्ष से जुड़ी महंगाई का दबाव अभी भी कम बना हुआ है. गवर्नर ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और इसे घरेलू मांग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की लगातार गतिविधियों, अच्छे निवेश ट्रेंड और मजबूत निर्यात का सहारा मिल रहा है.
आने वाली तिमाहियों में क्या रहेगा महंगाई का अनुमान?
RBI के मुताबिक वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में महंगाई दर 4.7 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.9 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है. वहीं, वित्त वर्ष 2028 की पहली तिमाही के लिए महंगाई दर 5.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है. मल्होत्रा ने कहा, “महंगाई के अनुमान पर जोखिम अभी भी बने हुए हैं, जो बारिश पर अल-नीनो के असर, ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से जुड़े हैं.”