देश की अग्रणी कंपनियों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर मंगलवार को भारी दबाव में नजर आए. कारोबार के अंत में कंपनी का शेयर 4.39% की गिरावट के साथ 1,508.90 रुपये पर बंद हुआ. इस तेज गिरावट का असर कंपनी के बाजार पूंजीकरण पर भी साफ दिखा, जो करीब 95,407 करोड़ रुपये घट गया. यह जून 2024 के बाद एक ही दिन में शेयर में दर्ज की गई सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है.
बताया जा रहा है कि शेयर में आई इस कमजोरी के पीछे एक मीडिया रिपोर्ट अहम वजह रही, जिसमें दावा किया गया था कि रूसी कच्चे तेल से लदे तीन टैंकर भारत के पश्चिमी तट पर स्थित रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी की ओर बढ़ रहे हैं. हालांकि, रिलायंस की ओर से इन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया गया है.
ऑल-टाइम हाई के बाद फिसला रिलायंस शेयर
इसके साथ ही, अपडेटेड न्यूज रिपोर्ट में कहा गया कि रिलायंस से जुड़े रूसी तेल के टैंकर्स को कहीं और खाली कर दिया गया है. रिलायंस इंडस्ट्रीज के स्टॉक में यह गिरावट ऐसे समय पर आई है, जब इसने सोमवार को ही नया ऑल-टाइम हाई लगाया था. इस वजह से जानकार इसे मुनाफावसूली मान रहे हैं. भारतीय शेयर बाजार के मुख्य सूचकांक भी कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुए. सेंसेक्स 376.28 अंक यानी 0.44% टूटकर 85,063.34 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 71.60 अंक या 0.27% की गिरावट के साथ 26,178.70 पर बंद हुआ. रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई कमजोरी का असर बाजार पर साफ देखने को मिला, जिससे खासतौर पर निफ्टी ऑयल एंड गैस सेक्टर पर दबाव बना.
निफ्टी ऑयल एंड गैस सबसे ज्यादा टूटा
सेक्टोरल फ्रंट पर निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1.75% गिरकर सबसे ज्यादा नुकसान में रहा. इसके अलावा निफ्टी इन्फ्रा 1.18%, निफ्टी मीडिया 1.05%, निफ्टी एनर्जी 0.56%, निफ्टी कमोडिटीज 0.38%, जबकि निफ्टी पीएसई और निफ्टी रियल्टी 0.33-0.33% की गिरावट के साथ बंद हुए. वहीं दूसरी ओर कुछ सेक्टर्स में मजबूती देखने को मिली. निफ्टी हेल्थकेयर 1.85% और निफ्टी फार्मा 1.69% की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स में रहे.
इसके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक 0.59 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 0.55%, निफ्टी मेटल 0.29 प्रतिशत और निफ्टी FMCG 0.23% की तेजी के साथ बंद हुए.