Inflation Rate: अगस्त में महंगाई ने बढ़ाई चिंता, चांदी के आभूषण 107% और सोना 35% महंगा

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Inflation Rate: देश में महंगाई को लेकर अगस्त महीने के आंकड़े सामने आ गए हैं. सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, नई उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) श्रृंखला के आधार पर अगस्त 2026 में भारत की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82% पहुंच गई. पिछले साल इसी महीने की तुलना में महंगाई में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है. अगस्त के महंगाई आंकड़ों में सबसे ज्यादा असर चांदी और सोने के आभूषणों की कीमतों में देखने को मिला. चांदी के आभूषणों के दाम में 107.11% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि सोने के आभूषणों की कीमत 35.55% बढ़ी.

खाने-पीने की चीजों ने भी बढ़ाई चिंता

अगस्त में खाद्य महंगाई दर 5.95% रही. इस दौरान कई जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम में तेज बढ़ोतरी हुई. प्याज की कीमत में 48.27%, अदरक में 73.82% और लहसुन में 43.60% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. हालांकि, सब्जियों की सभी कीमतों में तेजी नहीं रही. अगस्त में टमाटर के दाम में 31.09% की गिरावट आई, जबकि आलू भी 13.14% सस्ता हुआ. यानी कुछ खाद्य वस्तुओं की कीमतों में राहत ने महंगाई के दबाव को कुछ हद तक कम किया.

कारों के दाम में भी आई कमी

महंगाई के आंकड़ों में गैर-खाद्य वस्तुओं से जुड़ा एक दिलचस्प बदलाव भी सामने आया है. अगस्त के दौरान कारों की कीमतों में 6.72% की गिरावट दर्ज की गई. इससे वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को कुछ राहत मिल सकती है.

RBI की तय सीमा के भीतर है महंगाई

खुदरा महंगाई की मौजूदा दर अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक की निर्धारित 2 से 6% की सहनशीलता सीमा के भीतर है. इस दायरे का मध्य बिंदु 4% है. रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति का उद्देश्य आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के साथ कीमतों में स्थिरता बनाए रखना है. हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि मुख्य महंगाई दर लक्ष्य से ऊपर गई है. इसके पीछे प्रमुख वजह ईंधन की ऊंची कीमतें बताई गई थीं, हालांकि व्यापक स्तर पर कीमतों का दबाव अभी नियंत्रण में है. आर्थिक गतिविधियों को समर्थन देने के लिए RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया.

RBI ने महंगाई का अनुमान घटाया

RBI ने चालू वित्त वर्ष के लिए औसत महंगाई के अनुमान में भी कटौती की है. जून में लगाए गए 5.1 प्रतिशत के अनुमान को घटाकर अब 5 प्रतिशत कर दिया गया है. वहीं, खाद्य और ईंधन की कीमतों को हटाकर देखी जाने वाली मुख्य महंगाई के अनुमान को भी 4.7 प्रतिशत से घटाकर 4.3 प्रतिशत कर दिया गया है.

आर्थिक विकास को लेकर RBI का भरोसा बरकरार

महंगाई के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर को लेकर RBI का अनुमान सकारात्मक बना हुआ है. केंद्रीय बैंक ने FY2026-27 के लिए आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 6.6% से बढ़ाकर 6.7% कर दिया है. इससे संकेत मिलता है कि महंगाई में उतार-चढ़ाव के बावजूद RBI को भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और विकास की रफ्तार पर भरोसा है.

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