तेजी के बाद फिर गिरा भारतीय शेयर बाजार, 70 अंक लुढ़का सेंसेक्स; निफ्टी भी 23985 पर बंद 

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Sensex closing bell: वैश्विक बाजार के मिले-जुले संकेतों के बीच हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ. घरेलू बाजार में यह गिरावट पिछले दिन की शानदार तेजी के बाद आई. इस दौरान, सेंसेक्स 69.86 अंक यानी 0.09 प्रतिशत गिरकर 76,765.92 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 10.60 अंक यानी 0.04 प्रतिशत गिरकर 23,985.35 पर बंद हुआ.

मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में मिला-जुला रुख देखने को मिला. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.08 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.22 प्रतिशत की गिरावट आई. वहीं, विभिन्न क्षेत्रों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, जिसमें निफ्टी आईटी 3.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहा, इसके बाद निफ्टी रियल्टी (2 प्रतिशत) और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (1.08 प्रतिशत) का स्थान रहा.

निफ्टी ऑटो भी 0.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी फार्मा में 0.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. गिरावट की बात करें तो, निफ्टी एनर्जी सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 1.7 प्रतिशत की गिरावट आई. इसके बाद निफ्टी एफएमसीजी (-1.4 प्रतिशत) और निफ्टी पीएसयू बैंक (-0.9 प्रतिशत) का नंबर रहा. निफ्टी मेटल में 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी बैंक में 0.58 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. निफ्टी इंफ्रा (-0.5 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-0.4 प्रतिशत) और निफ्टी मीडिया (-0.34 प्रतिशत) में भी गिरावट देखी गई। निफ्टी 50 में टीसीएस 4.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष लाभ कमाने वाली कंपनी बनकर उभरी, इसके बाद इटरनल (3.94 प्रतिशत), टेक महिंद्रा (3.49 प्रतिशत), नेस्ले इंडिया (3.19 प्रतिशत), सिप्ला (2.67 प्रतिशत), टाइटन (2.49 प्रतिशत) और इंफोसिस (2.39 प्रतिशत) का स्थान रहा.

वहीं, पहली तिमाही के नतीजों के बाद हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जिसके शेयरों में 7.11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. इसके बाद भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल) (-4.46 प्रतिशत), कोल इंडिया (-3.98 प्रतिशत), टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (-2.19 प्रतिशत) और एनटीपीसी (-2.19 प्रतिशत) का स्थान रहा. पिछले सत्र में जोरदार बढ़त के बाद मुनाफावसूली के कारण शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि मध्य पूर्व संघर्ष को लेकर अनिश्चितताएं बाजार के सेंटिमेंट पर दबाव डाल रही हैं.

Latest News

Bangladesh: रहमान शासन में भी नहीं बदले हालात, छह महीनों में 44 अल्पसंख्यकों की मौत, 250 से ज्यादा घटनाएं

Dhaka: बांग्लादेश में सरकार जरूर बदली लेकिन अल्पसंख्यकों पर होने वाले हमलों में कोई कमी नहीं आई है. अल्पसंख्यक...

More Articles Like This

Exit mobile version