Sensex opening bell: अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला. इस दौरान प्रमुख बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 में 0.40 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,983.18 से 367.19 अंक गिरकर 73,615.99 पर खुला, तो वहीं एनएसई निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,214.95 से 110.55 अंक गिरकर 23,104.40 पर खुला.
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 340.39 अंक या 0.46 प्रतिशत गिरकर 73,642.79-34 पर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं निफ्टी50 114.45 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 23,100.50 पर था. व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक क्रमशः 0.61 प्रतिशत और 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे.
इन शेयरो में आई गिरावट
निफ्टी आईटी में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई और यह सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बन गया. इसके अलावा, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल, निफ्टी ऑटो और निफ्टी केमिकल में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई. इसके विपरीत, निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर ने बेहतर प्रदर्शन किया. निफ्टी50 इंडेक्स में एचसीएलटेक, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, ट्रेंट, टीसीएस, आयशर मोटर, इटरनल और हिंडाल्को के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई.
वैश्विक स्तर पर महंगाई का दबाव
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में हालिया तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है. विशेषज्ञों का कहना है कि ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से वैश्विक स्तर पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है, जिससे ब्याज दरों और आर्थिक विकास की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है. इसी अनिश्चितता के कारण वैश्विक शेयर बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ी है.
विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और सरकार द्वारा हाल में उठाए गए कदमों से रुपए को कुछ हद तक स्थिरता मिली है. हालांकि, वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों के निवेश प्रवाह को लेकर बनी अनिश्चितता निकट भविष्य में बाजार पर दबाव बनाए रख सकती है. इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर अतिरिक्त हमले किए हैं.