Share Market : आईटी फर्म एक्सेंचर की ओर से कारोबार को लेकर सर्तक आउटलुक के बाद भारतीय आईटी कंपनियों में शुक्रवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली है. इस गिरावट के बाद कई आईटी कंपनियों के शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई से 60 प्रतिशत से अधिक फिसल गए हैं. एनडीटीवी प्रॉफिट की एक रिपोर्ट के अनुसार, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का शेयर अपने 4,592 के रिकॉर्ड हाई से लगभग 55 प्रतिशत गिर गया है, जबकि विप्रो में 52 प्रतिशत, एलटीआई माइंडट्री में 50 प्रतिशत और इन्फोसिस में 48 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है.
छोटी-मझौली आईटी कंपनियों का प्रदर्शन लार्जकैप से भी खराब रहा है. हैप्पीएस्ड माइंड का शेयर अपने रिकॉर्ड हाई से 78 प्रतिशत, न्यूजेन सॉफ्टवेयर का शेयर 74 प्रतिशत और सोनाटा सॉफ्टवेयर का शेयर अपने उच्चतम स्तर से 66 प्रतिशत फिसल चुका है.
इन शेयरो में आई गिरावट
रिपोर्ट के मुताबिक, बिड़लासॉफ्ट, टाटा एल्क्सी और केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के शेयरों में 60 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, जबकि न्यूक्लियस सॉफ्टवेयर, मास्टेक और जेंसार टेक्नोलॉजीज के शेयर अपने रिकॉर्ड स्तर से आधे रह गए हैं. भारतीय आईटी शेयरों के लिए एक्सेंचर के उम्मीद से कमजोर गाइडेंस ने मीडियम टर्म में ग्रोथ को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं. कई ब्रोकरेज फर्मों ने चेतावनी दी है कि डिमांड को लेकर अनिश्चितता और भू-राजनीतिक उथल-पुथल का असर वृद्धि पर पड़ना जारी रह सकता है.
ग्लोबल कंसल्टिंग और टेक्नोलॉजी सर्विस कंपनी ने की रेवेन्यू आउटलुक में कटौती
ग्लोबल कंसल्टिंग और टेक्नोलॉजी सर्विस कंपनी ने मौजूदा तिमाही के लिए अपने रेवेन्यू आउटलुक में कटौती की है, जिससे इस सेक्टर में अच्छा मुनाफा होने के बावजूद निवेशक निराश हुए हैं. निवेश बैंक मॉर्गन स्टेनली ने कहा है कि अनिश्चितता का असर आने वाली तिमाहियों में भी दिख सकता है और इससे भारतीय आईटी कंपनियों के वित्त वर्ष 27 के गाइडेंस पर असर पड़ सकता है. एचएसबीसी ने पाया कि कमजोरी की मुख्य वजह भू-राजनीतिक उथल-पुथल थी, न कि एआई से प्रोडक्टिविटी बढ़ने को लेकर चिंताएं. फर्म ने कहा कि भारतीय आईटी कंपनियों के लिए निकट भविष्य में कोई खास ग्रोथ ट्रिगर नहीं दिख रहा है, हालांकि सेक्टर का वैल्यूएशन अब निचले स्तर के करीब पहुंच रहा है.

