कोल इंडिया की सब्सिडियरी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का आईपीओ शुक्रवार को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलते ही निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स देखने को मिला. यह इश्यू महज 30 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया. देश की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी BCCL का यह आईपीओ साल 2026 का पहला मेनबोर्ड इश्यू है, जिसके जरिए कंपनी 1,071 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है.
BCCL शेयर ₹32 के आसपास लिस्ट होने की संभावना
यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 13 जनवरी तक खुला रहेगा. ग्रे मार्केट को ट्रैक करने वाली विभिन्न वेबसाइट्स के मुताबिक, इस IPO का अंतिम जीएमपी (ग्रे मार्केट प्रीमियम) 9.4 रुपए है (दोपहर 1:53 बजे तक). जबकि इसका उच्चतम जीएमपी 16.25 रुपए है. इसका मतलब है कि कंपनी के शेयर करीब 32.4 रुपए के आसपास लिस्ट हो सकते हैं, जिससे निवेशकों को हर शेयर पर लगभग 40.87% का मुनाफा होने की संभावना है.
BCCL IPO को जबरदस्त रिस्पॉन्स
शुक्रवार को ट्रेडिंग शुरू होते ही इस आईपीओ को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और 34.69 करोड़ शेयरों के मुकाबले 38.9 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लग गईं, जिससे यह 1.12 गुना सब्सक्राइब हो गया. इसमें गैर-संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी 1.99 गुना और खुदरा निवेशकों की 1.5 गुना रही. यह पूरा इश्यू कोल इंडिया की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए पेश किया गया है, क्योंकि कंपनी के पास BCCL की 100% हिस्सेदारी है.
BCCL IPO में बड़ा दांव
आईपीओ का प्राइस बैंड 21 से 23 रुपये प्रति शेयर रखा गया है, जिसके तहत कंपनी 1,071 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है. आईपीओ से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से 273 करोड़ रुपए जुटाए, जिन्हें 23 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से 11,87,53,500 शेयर दिए गए. इस आईपीओ में 50% हिस्सा बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए, 35% गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए और 15% रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित है.
की सबसे बड़ी कोकिंग कोल कंपनी BCCL
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि BCCL के इस IPO में निवेशकों को लिस्टिंग के समय अच्छा रिटर्न मिल सकता है, क्योंकि कंपनी की बाजार में मजबूत पकड़ है. यह देश की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी है और FY24–25 में भारत के कुल घरेलू कोकिंग कोल उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 58.50% रही. BCCL की स्थापना वर्ष 1972 में हुई थी और इसे ‘मिनी रत्न’ का दर्जा प्राप्त है. भारत में इसकी कोई सीधी तुलना वाली सूचीबद्ध कंपनी मौजूद नहीं है, इसलिए इसकी तुलना अल्फा मेटालर्जिकल रिसोर्सेज और वॉरियर मेट कोल जैसी चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय कोयला कंपनियों से की जाती है.