Sugar Price: नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशहरा और दीवाली जैसे त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने वाली है. इसके साथ ही चीनी की खपत में भी इजाफा होने की उम्मीद है. इसी को देखते हुए सरकार ने बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए अक्टूबर के शुरुआती 15 दिनों के लिए बिक्री का कोटा बढ़ा दिया है. सरकार के इस कदम का मकसद त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने के बावजूद चीनी की कीमतों पर दबाव को कम रखना है.
खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने अक्टूबर के पहले 15 दिनों के लिए चीनी की बिक्री का कोटा 1.40 मिलियन टन तय किया है. यह सितंबर में इसी अवधि के लिए तय किए गए 1.30 मिलियन टन के कोटे से ज्यादा है. यह अतिरिक्त कोटा नवरात्रि, दुर्गा पूजा और दशहरा जैसे त्योहारों को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है, जबकि इसके बाद नवंबर में दीवाली का त्योहार भी है. आमतौर पर इस दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के कारण चीनी की खपत भी बढ़ जाती है.
हर 15 दिन में तय हो रहा चीनी का कोटा
सरकार ने सितंबर से चीनी की बिक्री के लिए हर 15 दिन में कोटा तय करने की व्यवस्था शुरू की है. इससे पहले पूरे महीने के लिए एक साथ बिक्री का कोटा जारी किया जाता था. सरकार के मुताबिक, पहले की व्यवस्था में कई बार बड़े कारोबारी महीने के आखिर में कीमतों में कृत्रिम तेजी लाने के लिए चीनी का स्टॉक रोक लेते थे. नई व्यवस्था के तहत हर 15 दिन में बाजार की स्थिति की समीक्षा की जाती है.
इसमें चीनी की मांग और उपलब्धता को देखा जाता है और उसी के आधार पर बिक्री का कोटा बढ़ाया या घटाया जाता है. इसका उद्देश्य बाजार में सप्लाई को स्थिर बनाए रखना और कीमतों में अचानक होने वाली बढ़ोतरी को रोकना है. आंकड़ों पर नजर डालें तो अक्टूबर 2025 के लिए चीनी बिक्री का कोटा 2.40 मिलियन टन था, जबकि अक्टूबर 2024 में यह 2.55 मिलियन टन तय किया गया था.
जुलाई-अगस्त में बढ़ गई थीं चीनी की कीमतें
चीनी की कीमतों में जुलाई और अगस्त के दौरान तेज उछाल देखने को मिला था. इससे आने वाले महीनों में सप्लाई कम होने और सट्टेबाजी के लिए खरीदारी बढ़ने की आशंका पैदा हुई थी. इसके बाद सरकार ने बाजार में उपलब्धता बेहतर करने के लिए कई कदम उठाए. सरकार ने व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा तय करने के साथ कच्ची चीनी यानी Raw Sugar के आयात को मंजूरी देने जैसे कदम भी उठाए. इन उपायों के बाद चीनी की सप्लाई की स्थिति में सुधार हुआ. फिलहाल चीनी की खुदरा कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 11-12% नीचे आ चुकी हैं. देशभर में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब 57.50 रुपये प्रति किलोग्राम बताई जा रही है.
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