Tejas Networks Share: टाटा समूह की कंपनी तेजस नेटवर्क्स के शेयरों में गुरुवार को तेज गिरावट देखने को मिली, जिसने निवेशकों के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है. कंपनी के वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के कमजोर नतीजों ने बाजार को निराश किया और यही वजह रही कि शुरुआती कारोबार में ही इसका शेयर करीब 6 प्रतिशत तक टूट गया.
बीएसई 500 में शामिल यह शेयर गिरकर 423.50 रुपए के इंट्राडे लो तक पहुंच गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 449.90 रुपए पर बंद हुआ था. यह गिरावट केवल एक दिन की प्रतिक्रिया नहीं मानी जा रही, बल्कि कंपनी के लगातार खराब हो रहे वित्तीय प्रदर्शन का असर है, क्योंकि यह लगातार पांचवीं तिमाही है जब कंपनी घाटे में रही है.
तिमाही नतीजों में बढ़ता घाटा
वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति और ज्यादा गंभीर दिखाई देती है. वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही यानी जनवरी से मार्च के बीच कंपनी ने 211 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 72 करोड़ रुपए के घाटे से काफी अधिक है. इसका मतलब यह है कि कंपनी का घाटा लगभग तीन गुना तक बढ़ गया है. यह लगातार बढ़ता नुकसान कंपनी के ऑपरेशन और लागत नियंत्रण में कमजोरी को दर्शाता है.
पूरे साल का प्रदर्शन रहा बेहद कमजोर
अगर पूरे वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो तस्वीर और चिंताजनक हो जाती है. पहली तिमाही में 194 करोड़ रुपए, दूसरी तिमाही में 307 करोड़ रुपए और तीसरी तिमाही में 197 करोड़ रुपए का घाटा पहले ही दर्ज हो चुका था. इन सभी को जोड़ने पर पूरे साल का कुल घाटा 909 करोड़ रुपए तक पहुंच गया. इसके विपरीत वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 447 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया था. यानी एक ही साल में कंपनी की स्थिति पूरी तरह उलट गई है, जो निवेशकों के लिए बड़ा संकेत है.
राजस्व में भारी गिरावट
राजस्व के आंकड़े भी इस गिरावट को और स्पष्ट करते हैं. चौथी तिमाही में कंपनी का राजस्व सालाना आधार पर 82.53 प्रतिशत गिरकर केवल 333 करोड़ रुपए रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 1,907 करोड़ रुपए था. पूरे वित्त वर्ष में भी राजस्व 88 प्रतिशत घटकर 1,103 करोड़ रुपए पर आ गया, जो पिछले साल 8,923 करोड़ रुपए था. यह गिरावट दर्शाती है कि कंपनी के ऑर्डर और बिजनेस एक्टिविटी में तेज कमी आई है.
ऑपरेटिंग स्तर पर भी दबाव
कंपनी का ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी कमजोर रहा है. ईबीआईटीडीए 118 करोड़ रुपए के घाटे में पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में 121.5 करोड़ रुपए का मुनाफा था. मार्जिन भी गिरकर माइनस 35 प्रतिशत हो गया, जो पहले 6 प्रतिशत था. इससे साफ है कि कंपनी की लागत तेजी से बढ़ रही है और आय घट रही है.
ऑर्डर बुक में सुधार, लेकिन कर्ज चिंता
हालांकि एक सकारात्मक पहलू यह है कि कंपनी का ऑर्डर बुक मार्च तक 49% बढ़कर 1,514 करोड़ रुपए हो गया है, जो भविष्य में सुधार की उम्मीद देता है. लेकिन इसके साथ ही कंपनी का कर्ज भी तेजी से बढ़ा है. नेट कर्ज 3,531 करोड़ रुपए और ग्रॉस कर्ज 4,035 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जो कंपनी की वित्तीय स्थिति पर दबाव डाल रहा है.
शेयर में लगातार उतार-चढ़ाव
शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो इसमें लगातार अस्थिरता बनी हुई है. 2026 में अब तक इसमें 4 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट आ चुकी है, हालांकि मौजूदा महीने में 11% की तेजी भी देखने को मिली है. जनवरी में 25% की गिरावट, फरवरी में 29% की तेजी और मार्च में 11.7% की गिरावट दर्ज की गई. यह उतार-चढ़ाव निवेशकों की अनिश्चितता को दर्शाता है.
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