भारत में बेरोजगारी दर फरवरी 2026 में घटकर 4.9% पर आ गई है. यह संकेत देता है कि देश में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और नौकरी मिलने की रफ्तार में सुधार हुआ है. अब रोजगार सिर्फ बड़े शहरों या सीमित सेक्टर तक ही नहीं रह गया, बल्कि इसका विस्तार छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक भी हो रहा है.
कई सेक्टर में बढ़ी नौकरियां
रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी के दौरान मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन, रिटेल, लॉजिस्टिक्स और कृषि जैसे क्षेत्रों में रोजगार में बढ़ोतरी देखी गई है. इससे यह साफ होता है कि आर्थिक सुधार का फायदा अब व्यापक स्तर पर पहुंच रहा है. सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर बढ़ता खर्च और कारोबार में सुधार का असर अब सीधे रोजगार पर दिखने लगा है. ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे कार्यक्रमों के तहत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिली है. वहीं, PLI स्कीम के जरिए इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश बढ़ा है.
ग्लोबल कंपनियों का भारत की ओर रुख
कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अब भारत को अपना प्रोडक्शन बेस बना रही हैं. इससे नौकरियों में स्थिरता आई है और मौसमी उतार-चढ़ाव का असर कम हुआ है. टेक्नोलॉजी और डिजिटल सर्विस सेक्टर तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां सॉफ्टवेयर, डेटा एनालिटिक्स और क्लाउड जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा हो रही हैं. साथ ही, फिनटेक, ई-कॉमर्स और ग्रीन एनर्जी जैसे स्टार्टअप सेक्टर भी युवाओं के लिए नए अवसर खोल रहे हैं.
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ा रोजगार
ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ने से लोगों की आय में स्थिरता आई है और मांग में भी वृद्धि हो रही है. इससे देश की समग्र अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है. रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि महिलाओं की श्रम भागीदारी दर में बढ़ोतरी हो रही है. अब महिलाएं हेल्थकेयर, शिक्षा, छोटे व्यवसाय और डिजिटल सेवाओं में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ने के साथ वर्क फ्रॉम होम और पार्ट-टाइम जॉब जैसे नए विकल्प भी सामने आए हैं, जिससे ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं.
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