भारत में बन रही दुनिया की सबसे बड़ी Hyperloop ट्यूब, 1000 KM प्रति घंटे होगी रफ्तार

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में आईआईटी मद्रास के हाइपरलूप परीक्षण सुविधा का दौरा किया. यहां पर उन्होंने कहा कि विकसित की जा रही हाइपरलूप ट्यूब जल्द ही दुनिया की सबसे लंबी हो जाएगी, जिसकी लंबाई 410 मीटर होगी. एलन मस्क ने Hyperloop तकनीक को 2013 में कॉन्सेप्टुअलाइज किया था. यह हाई-स्पीड ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम वैक्यूम-सील्ड ट्यूब्स के जरिए कैप्सूल को 1000 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार से चलाने में सक्षम है. इस इनोवेटिव ट्रांसपोर्ट सिस्टम से सफर तेज, कारगर और पर्यावरण के अनुकूल बन सकता है. अश्विनी वैष्णव ने इस दौरान चेन्नई के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में Hyperloop के लिए इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स तैयार करने की योजना का भी ऐलान किया.

रेल मंत्री ने शेयर किया वीडियो

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो साझा किया. इस वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि एशिया में सबसे लंबी हाइपरलूप ट्यूब (410 मीटर) जल्द ही दुनिया की सबसे लंबी होगी.
रेल मंत्रालय ने मई 2022 में IIT मद्रास को Hyperloop तकनीक के स्वदेशी विकास और वैलिडेशन के लिए 8.34 करोड़ रुपये आवंटित किए थे. उन्होंने इस प्रोजेक्ट के सकारात्मक नतीजों पर भरोसा जताते हुए कहा कि पूरा टेस्टिंग सिस्टम भारत में ही तैयार किया गया है. उन्होंने IIT मद्रास के युवा इनोवेटर्स को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी. IIT मद्रास पिछले सात वर्षों से Hyperloop रिसर्च में अग्रणी भूमिका निभा रहा है. यहां के डिस्कवरी कैंपस में 422 मीटर का स्टूडेंट-रन Hyperloop टेस्ट ट्रैक भी ऑपरेशनल है. हाल ही में संस्थान ने एशिया की पहली ग्लोबल Hyperloop प्रतियोगिता भी आयोजित की, जिसे भारत सरकार और रेल मंत्रालय का समर्थन मिला.
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