BEd: प्राइमरी शिक्षक के लिए BEd की डि‍ग्री अमान्‍य, अब ITEP कोर्स से बनेंगे टीचर   

What Is ITEP Course: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के आदेश के बाद अब प्राइमरी स्कूलों में टीचर बनने के लिए बीएड कोर्स मान्य नहीं होगा. नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन यानी (NCTE) के द्वारा इसके स्‍थान पर नए कोर्स को लाने की योजना बनाई जा रही है. जिसे “इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम” (ITEP) कहा जाता है. आइए जानते हैं कि ITEP कोर्स BEd से कितना अलग होगा.

क्या है ITEP?

बता दें कि वर्ष 2030 के बाद ITEP के माध्‍यम से ही शिक्षक भर्तियों को पूरा किया जाएगा. यह एक मानक कोर्स के तौर पर होगा. इस पाठ्यक्रम तहत बीएड कोर्स के तरह ही टीचर्स की प्रशिक्षण दी जाएगी, लेकिन उनको इस कोर्य के माध्‍यम से प्राइमरी शिक्षा के क्षेत्र में खासतौर से तैयार किया जाएगा, जिससे की छात्रों को बेहतर तरीके से पढ़ाया जा सकें तथा उनकी शिक्षा को और भी प्रभावी बनाया जा सकें.  

वहीं, बीएड कोर्स एकेडमिक तौर पर जारी रहेगा और इसके छात्र बाद ग्रेजुएशन और पीएचडी कर सकेंगे, लेकिन टीचर्स की भर्ती के लिए वर्ष 2030 से चार वर्षीय बीएड या चार-वर्षीय एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) डिग्री को अनिवार्य करने की तैयारी की गई है. 

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एडमिशन की प्रक्रिया

बता दें कि ITEP कोर्स में एडमिशन के लिए अभ्यर्थियों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा. सत्र 2024-25 से इस 4 वर्षीय इंटिग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम  के एंट्रेंस एग्जाम के लिए ऑनलाइन आवेदन विंडो को खोल दिया जाएगा. जिसके बाद प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा. ITEP कोर्स के अंतर्गत, प्राइमरी शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों को उनके करियर की शुरुआत से ही विशेषज्ञता और योग्यता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा.

प्राइमरी शिक्षक के लिए न्यूनतम योग्यता

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) की सिफारिशों के तहत बाल वाटिका से लेकर कक्षा 12वीं तक के लिए टीचर्स की न्यूनतम योग्यता बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड  निर्धारित की गई है.

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