आगरा में लूटी कार, देहरादून में डाला डाका, कार बरामदगी के बाद पुलिस की करतूत आई सामने

agra-city-crime: देहरादून में रिलायंस ज्वेल्स में 20 करोड़ की हीरे और सोने की आभूषणों की डकैती डालने वाले बदमाशों ने खंदौली से लूटी हुई कार का इस्तेमाल किया था. देहरादून में इस चोरी की कार के बरामद होने के बाद आगरा पुलिस अपराध में अल्पीकरण की करतूत सामने आई है.

दरअसल, खंदौली पुलिस ने  दिल्ली के चालक से करीब 5 महीने पहले लूटी गई कार की कहानी चोरी की गढ़ दी थी और उसी आधार पर मुकदमा भी दर्ज कर लिया. इतना ही नहीं जख्मी चालक का मेडिकल तक नहीं कराया गया. खंदौली पुलिस ने यदि अल्पीकरण के बजाय कार लूटने वाले बदमाशों को खोजने में दिमाग लगाया होता तो शायद गैंग का पहले ही पर्दाफाश हो गया होता.

नौ नवंबर को बादमाशों ने लुटी थी कार

बता दें कि देहरादून के राजपुर रोड पर रिलायंस ज्वेल्स में 9 नवंबर को बदमाश 20 करोड़ रुपये के हीरे और सोने के आभूषण ले गए थे. फिलहाल, देहरादून पुलिस ने सेलाकुई क्षेत्र से अर्टिगा कार बरामद कर ली. पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि यह कार 9 जून 2023 को खंदौली क्षेत्र से लूटी गई थी. वहीं, दिल्‍ली में रहने वाले कार चालक जगपाल ने बताया कि वह मंडावली में रहने वाले सुरेंद्र कुमार यादव की कार चलाते थे. 9 जून को वह  दो युवको के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से आगरा के लिए कार बुक करके ले गया था.

ये भी पढ़े:-NEET PG 2024: अब मेडिकल छात्रों को पीजी कोर्सेज के लिए नहीं देना होगा ‘NExT’ एग्जाम

दिल्‍ली से आगरा के लिए बुक की गई थी कार

कार चालक के अनुसार, दोनों युवकों ने मथुरा से निकलने के बाद उन्‍होंने काफी में कुछ नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिला दिया. इसके बाद वह अचेत हो गया. इसके बाद सुबह आठ बजे उसे होश आया तो वह खंदौली इंटरचेंज के पास रोड के किनारे पड़ा था. तब वह एक बाइक सवार की मदद से वह थाने पहुंचा और पुलिस को मामले के बारें में बताया. लेकिन पुलिस उसकी बात पर भरोसा नहीं किया. मालिक का नंबर लेकर मालिक को थाने में बुलाया. दो दिन तक उसे थाने में बैठाए रखा. इसके बाद खुद टाइप करके चोरी की तहरीर लिखी और इसमें बदमाशों को उसका परिचित बताकर चोरी का मुकदमा दर्ज किया.

पुलिस पर उठ रहे सवाल

देहरादून पुलिस ने चालक से सम्‍पर्क कर इस मामले की जानकारी ली. वहीं, इंस्पेक्टर खंदौली नीरज कुमार मिश्रा का कहना है कि कार चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया था. इसमें नामजदगी भी सही नहीं है. हालांकि किसी भी मामलें की इंस्पेक्टर और एसीपी विवेचना की मानीटरिंग करते हैं. ऐसे में सवाल ये है कि इंस्पेक्टर खंदौली नीरज कुमार मिश्रा और एसीपी एत्मादपुर सौरभ सिंह ने क्‍या इसकी मानीटरिंग की थी?

Latest News

26 April 2026 Ka Panchang: रविवार का पंचांग, जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

26 April 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्त...

More Articles Like This

Exit mobile version