America Attack Syria: सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आईएस) के दर्जनों ठिकानों पर अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को बड़े पैमाने पर हमले किए. यह कार्रवाई अमेरिकी सैन्य कर्मियों पर हुए एक हमले के जवाब में की गई है. पिछले काफी समय से अमेरिका के नेतृत्व वाला गठबंधन सीरिया में आईएस संदिग्धों के खिलाफ हवाई हमले और ग्राउंड ऑपरेशन चला रहा है. इन ऑपरेशन्स में अक्सर सीरिया की सुरक्षा एजेंसियों की भी हिस्सेदारी रही है.
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि इन हमलों में आईएसआईएस के लड़ाके, उनका ढांचा और हथियारों के ठिकाने निशाने पर लिए गए थे. इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ नाम दिया गया है. हेगसेथ ने कहा कि यह किसी जंग की शुरुआत नहीं है, बल्कि बदले का ऐलान है. आज हमने अपने दुश्मनों को ढूंढा और मारा है, और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा.
अमेरिकी सेना के अनुसार, शनिवार को मध्य सीरिया के पालमायरा शहर में हमलावर ने अमेरिकी और सीरियाई बलों के काफिले को निशाना बनाया था. इस हमले में दो अमेरिकी सैनिक और एक नागरिक दुभाषिया की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य अमेरिकी सैनिक घायल हुए थे. हमलावर को मौके पर ही मार गिराया गया था. सीरिया के गृह मंत्रालय ने हमलावर को सीरियाई सुरक्षा बलों का सदस्य बताया था, जिस पर इस्लामिक स्टेट के प्रति सहानुभूति रखने का शक है.
इस मुस्लिम मुल्क ने भी अमेरिका की मदद
सोशल मीडिया पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सीरियाई सरकार ने अमेरिका के जरिए किए गए इन हमलों का पूरा समर्थन किया है और अमेरिका बहुत कड़ी जवाबी कार्रवाई कर रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन हमलों में मध्य सीरिया में 70 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया. इस ऑपरेशन में जॉर्डन के लड़ाकू विमानों ने भी सहयोग किया.
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि हमले अमेरिकी एफ-15 और ए-10 लड़ाकू विमानों के साथ-साथ अपाचे हेलीकॉप्टरों और HIMARS रॉकेट सिस्टम के जरिए किए गए. एक बयान में सीरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सीरियाई जमीन पर आतंकियों को कोई सुरक्षित ठिकाना न मिले.
सीरिया में एक हजार अमेरिकी सैनिक तैनात
अमेरिकी सेना ने बताया कि फिलहाल करीब 1,000 अमेरिकी सैनिक सीरिया में तैनात हैं. मालूम हो कि सीरिया की मौजूदा सरकार पूर्व विद्रोहियों के नेतृत्व में है, जिन्होंने 13 साल के गृहयुद्ध के बाद पिछले साल राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता से हटाया था. इस सरकार में सीरिया की अल-कायदा से अलग हो चुकी शाखा के सदस्य भी शामिल हैं, जिनका इस्लामिक स्टेट से टकराव रहा है.