Bhopal News: पुलिस ने जाली दस्तावेजों के जरिए ब्लैकमेल और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के आरोप में भोपाल जिला वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन अलीम कुरैशी को शाहजहानाबाद से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया.
पुलिस के अनुसार
पुलिस के अनुसार, अलीम कुरैशी पहले मध्य प्रदेश पुलिस में काम करते थे, लेकिन अपने कार्यकाल के दौरान उन पर कई गंभीर आरोप लगे, जिसके कारण उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया. इसके बाद वह राजनीति में सक्रिय हो गए और बाद में भोपाल जिला वक्फ कमेटी के चेयरमैन बने. इसी पृष्ठभूमि में उन पर वक्फ बोर्ड से जुड़े मामलों में धोखाधड़ी और ब्लैकमेल के आरोप लगे हैं.
जांच एजेंसियों के मुताबिक
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अलीम कुरैशी ने वक्फ बोर्ड के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र और जाली दस्तावेज तैयार किए और विभिन्न सरकारी संस्थानों में शिकायतें दर्ज कराईं. इन शिकायतों के आधार पर उन्होंने कथित तौर पर अधिकारियों और संबंधित पक्षों पर दबाव डाला और अवैध फायदे उठाने की कोशिश की. इस मामले में NCRB के इंटीग्रेटेड इन्वेस्टिगेशन फॉर्म (IIF-1) का भी जिक्र है.
रिकॉर्ड के मुताबिक, अलीम कुरैशी ने 17 अगस्त 2023 को लोकायुक्त संगठन में एक शिकायत दर्ज कराई थी. जांच के बाद लोकायुक्त ने शिकायत को निराधार बताकर खारिज कर दिया था. इसके बावजूद 13 जनवरी 2025 को अलीम कुरैशी ने उसी मामले में लोकायुक्त संगठन में एक और शिकायत दर्ज कराई.
लगा है गंभीर आरोप
दूसरी जांच में पता चला कि वक्फ बोर्ड के नाम पर जारी किए गए सभी नियुक्ति पत्र पूरी तरह से फर्जी थे और वक्फ बोर्ड द्वारा कभी जारी नहीं किए गए थे. जांच एजेंसियों ने यह भी पाया कि पिछली जांच के बाद मामला पहले ही सुलझ गया था, फिर भी इन शिकायतों के जरिए सरकारी मशीनरी का बार-बार दुरुपयोग किया गया. जांच एजेंसियों का कहना है कि इन गतिविधियों से न केवल सरकार को वित्तीय और प्रशासनिक नुकसान हुआ, बल्कि वक्फ बोर्ड की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचा.
पुलिस आरोपी से कर रही पूछताछ
पुलिस को इस बात का शक है कि आरोपी ने दबाव बनाने, ब्लैकमेल करने और अवैध मुनाफा कमाने के लिए जाली दस्तावेज तैयार किए थे. फिलहाल, पुलिस रिमांड के दौरान अलीम कुरैशी से जाली दस्तावेज बनाने, शिकायतों के पीछे की साजिश और वक्फ संपत्तियों से जुड़े अन्य संभावित मामलों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ से एक बड़े वक्फ माफिया नेटवर्क और प्रभावशाली व्यक्तियों का खुलासा होने की संभावना है.

