Motihari Encounter: बिहार से बड़ी खबर सामने आई है. यहां मोतिहारी जिले में चकिया थाना क्षेत्र के रामडीहा गांव में मंगलवार की आधी रात के बाद पुलिस और STF और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई है. पुलिस की घेराबंदी के दौरान अपराधियों ने गोलीबारी की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दो कुख्यात बदमाशों को ढेर कर दिया. हालांकि, इस एनकाउंटर के दौरान एसटीएफ का एक जवान भी शहीद हो गया है. मालूम हो कि इस मुठभेड़ से पहले अपराधियों ने 10 से 15 पुलिसकर्मियों की हत्या करने की धमकी दी थी.
बदमाशों के पास से बरामद हुए ये हथियार
जानकारी के अनुसार, पूर्वी चम्पारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र में दो दिन पहले अपर थानाध्यक्ष को अपराधी कुंदन ठाकुर ने फोन पर धमकी देते हुए दस से पंद्रह पुलिसकर्मियों की हत्या करने की बात कही थी. इसके बाद चकिया थाना क्षेत्र के रामडीहा गांव में अपराधियों को होने की सूचना पर मोतिहारी पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में घेराबंदी की गई. पुलिस की भनक लगते ही अपराधियों ने उनपर फायरिंग करना शुरू कर दिया. इसमें अपराधियों की गोली एसटीएफ जवान राम यादव को लग गई. वहीं, पुलिस ने भी जबाबी कार्रवाई में गोली चलाई, जिसमें कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे ढेर हो गया. पुलिस ने घटनास्थल से एक कार्बाइन, दो कट्टा, दो देशी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस के साथ 17 खोखा बरामद किया है.
घटना की DIG ने दी जानकारी
घटना की जानकारी मिलते ही बेतिया परिक्षेत्र के DIG हरिकिशोर राय मोतिहारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने कहा, “पुलिस को सूचना मिली थी कि अपराधी चकिया थाना क्षेत्र के रामडीहा गांव में एकत्रित हुए है जिसका सत्यापन लेकर मोतिहारी पुलिस और STF के जवान वहां पर पहुंचे. इसी बीच पुलिस की भनक लगते ही अपराधियों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी. इस घटना में एसटीएफ जवान को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया. वहीं, पुलिस की जबाबी कार्रवाई में दो अपराधियों को गोली लगी. सभी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया जहां, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. दोनों मृतक अपराधियों पर आर्म्स एक्ट सहित कई मामले पूर्व से दर्ज हैं, जिनकी तलाश मोतिहारी पुलिस को थी.”
बिहार के DGP का बयान
मोतिहारी एनकाउंटर पर बिहार के DGP विनय कुमार ने कहा- “कल एक अपराधी द्वारा जो संभवत: वही अपराधी है, जिनकी मुठभेड़ के क्रम में मृत्यु हुई है, SHO को कॉल के माध्यम से धमकी दी गई कि ‘हम पुलिसकर्मियों की लाश बिछा देंगे.’ वो नंबर नेपाल का था जिसे ट्रेस किया गया, अपराधियों के ठिकाने का पता लगाया गया और रात्रि के दौरान छापेमारी आयोजित की गई. जब पुलिस के द्वारा घेराबंदी की गई और पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण करने की घोषणा की गई तो उन्होंने आत्मसमर्पण न करते हुए दरवाजा नहीं खोला. वे खिड़की से फायरिंग करने लगे.
फायरिंग के दौरान हमारे एक जवान को गोली लगी और अपराध कर्मी में से दो को गोली लगी. सभी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जिसमें हमारे जवान की भी मौतहो गई है और दोनों अपराधियों को भी मृत घोषित किया गया. इस मुठभेड़ के क्रम में अन्य दो को भी गिरफ्तार किया गया है. पुलिस से जो चुनौतिपूर्ण लहजे में बात की गई थी, उस पर केस दर्ज कर FIR दर्ज किया गया और उसके पश्चात अग्रिम कार्रवाई की गई है, जिसमें दो अपराधी मारे गए हैं और हमारे एक पुलिस जवान की मृत्यु हो गई है.”