US-China Relations: इस समय में चीन और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर बातचीत जारी है. इसी बीच 70 से ज्यादा अमेरिकी सीनेटरों के एक समूह ने ट्रंप सरकार से अपील की है कि वह अमेरिकी मार्केट में आ रही गैर-कानूनी चीनी ई-सिगरेट की बढ़ती मांग पर रोक लगाए. उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य, राष्ट्रीय सुरक्षा और सुनियोजित अपराध से जुड़े खतरों का हवाला दिया है. साथ ही ये भी कहा कि बीजिंग के साथ भविष्य के किसी भी समझौते में इस मुद्दे को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
मोरन ने कहा कि “ये गैरकानूनी चीनी वेप्स हर तरह से खतरा हैं. इनमें लेड और कार्सिनोजेन्स का टॉक्सिक लेवल होता है और इन्हें जानबूझकर हमारे बच्चों को कैंडी फ्लेवर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के जरिए टारगेट करने के लिए मार्केट किया जाता है.”
चीनी वेप्स को लेकर मोरेन ने दी चेतावनी
दरअसल चीनी वेप्स ऐसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होते हैं जिनका इस्तेमाल धूम्रपान की तरह वाष्प लेने के लिए किया जाता है. इन्हें आमतौर पर ई-सिगरेट भी कहा जाता है. मोरन ने कहा कि ये प्रोडक्ट्स “विदेशी नागरिकों द्वारा स्कूलों और सैन्य बेस के पास बेचे जाते हैं.” ऐसे में उन्होंने चेतावनी दी कि उनकी स्मार्ट टेक्नोलॉजी से सेंसिटिव डाटा सीधे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी तक पहुंचने का खतरा है.
चीन गैर-कानूनी ई-सिगरेट के ट्रेंड को रोकने की मांग
वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर को लिखे एक लेटर में लॉ मेकर्स ने कहा कि अमेरिका को हमारे ट्रेड सिस्टम के चल रहे शोषण का सामना करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चीन गैर-कानूनी ई-सिगरेट के ट्रेंड को रोकने के लिए निश्चित कार्रवाई करे.
सीनेटरों ने कहा कि 2025 में अमेरिका को चीनी वेप एक्सपोर्ट 10 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो जाएगा, जबकि अमेरिकी अधिकारियों ने सख्ती बढ़ा दी है. ये डिवाइस राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं. साथ ही उन्होंने न्याय विभाग के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि बिना इजाजत वाले वेप अक्सर चीन से स्मगल किए जाते हैं और स्कूलों और सैन्य बेस के पास बेचे जाते हैं.
जानबूझकर सेना के लोगों को बनाया जा रहा निशाना
पत्र में ये भी कहा गया कि ड्रग प्रवर्तन प्रशासन ने सैन्य ठिकानों के पास वेप की दुकानों की भी जांच की है और पाया है कि उनमें से कई विदेशी नागरिकों के हैं या वे उन्हें चला रहे हैं, जिन पर जानबूझकर सेना के लोगों को निशाना बनाने का शक है. ऐसे में एक ऑपरेशन में 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें तीन चीनी नागरिक भी शामिल थे.
अमेरिकी सीनेटरों ने स्मार्ट वेप को लेकर जताई चिंता
सीनेटरों ने स्मार्टफोन से कनेक्ट होने वाले तथाकथित “स्मार्ट वेप” पर बढ़ती चिंता जताई. लेटर में चेतावनी दी गई कि ये डिवाइस “पर्सनल डाटा, कैमरा, माइक्रोफोन, जियोलोकेशन और नेटवर्क तक बिना इजाजत के एक्सेस दे सकते हैं.” इसमें आगे कहा गया कि “अगर सेना के लोग इनका इस्तेमाल करते हैं, तो चीन के 2017 के नेशनल इंटेलिजेंस लॉ के तहत सेंसिटिव जानकारी सीधे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी तक पहुंच सकती है.”
चीन की सोची समझी स्ट्रैटजी
सीनेटरों ने कहा कि इस समस्या से अमेरिकी बॉर्डर के बजाय इसकी शुरुआत से ही निपटना चाहिए. उन्होंने लिखा, “इन प्रोडक्ट्स को चीन से अमेरिका में आने से रोकना, अमेरिका की घरेलू सप्लाई चेन में आने के बाद उन्हें रोकने से कहीं ज्यादा असरदार है.” उन्होंने चीनी अधिकारियों पर अपने ही नियम लागू न करने का भी आरोप लगाया. चीन के स्टेट टोबैको मोनोपॉली प्रशासन का जिक्र करते हुए चिट्ठी में कहा गया, “यह कोई प्रशासनिक चूक नहीं है. यह एक सोची-समझी स्ट्रैटजी लगती है.”
स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर चिंता
सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं भी उतनी ही गंभीर बताई गई हैं. सीनेटरों का कहना है कि अवैध कारोबारी जानबूझकर युवाओं को आकर्षित करने के लिए अपने उत्पादों को खास तरीके से डिजाइन और प्रचारित करते हैं, जैसे कैंडी फ्लेवर वाले कार्ट्रिज, खिलौनों जैसे डिजाइन और फैशन एक्सेसरी जैसी पैकेजिंग का उपयोग करते हैं.
उन्होंने चेतावनी दी, इन गैरकानूनी प्रोडक्ट्स में अक्सर कार्सिनोजेन्स, टॉक्सिक एडिटिव्स और लेड जैसे हेवी मेटल्स ज्यादा होते हैं. लेटर में इस ट्रेड को सुनियोजित अपराध से भी जोड़ा गया. इसमें बताया गया कि गैर-कानूनी ई-सिगरेट की बिक्री “मैक्सिकन ड्रग कार्टेल्स के लिए कमाई का एक अच्छा जरिया” बन गई है और यह फेंटानिल से होने वाली कमाई से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी है.
सीनेटरों ने लिखा, “इन वजहों से, हम यूएसटीआर से जोर देकर कहते हैं कि वह चीन के साथ चल रही ट्रेड बातचीत में इस मामले को उठाए.” उन्होंने बीजिंग से गैर-कानूनी एक्सपोर्ट रोकने के लिए एक जरूरी कमिटमेंट की मांग की.
इसे भी पढें:-अल्ट्रावॉयलेट किरणों का क्या है रहस्य, किसने की थी इसकी खोज?