Toronto: कनाडा में सर्रे पुलिस ने रंगदारी और हथियारों से जुड़े मामलों में भारतीय मूल के सात पंजाबी युवकों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं. सर्रे पुलिस के चीफ कॉन्स्टेबल नॉर्म लिपिंस्की ने कहा कि यह कार्रवाई गन वायलेंस और एक्सटॉर्शन में शामिल लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए की गई है. पिछले दो वर्षों में कनाडा में सक्रिय पंजाब मूल के कई युवकों के नाम गैंगवार, ड्रग्स तस्करी, रंगदारी और फायरिंग मामलों में सामने आए हैं.
सामने आ सकें गवाह या पीड़ित
सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार दर्जनों युवकों को या तो हिरासत में लिया गया है या डिपोर्ट किया गया है. पुलिस ने जिन लोगों के नाम जारी किए उनमें हंसप्रीत सिंह, हरशदीप सिंह, हरजोत सिंह, तरनवीर सिंह, लवबीर सिंह, दयाजीत बिलिंग और प्रभजोत सिंह शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, इनकी तस्वीरें इसलिए जारी की गईं ताकि चल रही जांच में मदद मिल सके और गवाह या पीड़ित सामने आ सकें.
कई तीखी और आपत्तिजनक टिप्पणियां
Toronto में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार इनमें से कई लोगों को बाद में Canada Border Services Agency द्वारा कनाडा से हटा दिया गया. 22 वर्षीय लवबीर सिंह और 20 वर्षीय प्रभजोत सिंह का नाम विशेष रूप से सामने आया है. इस मामले के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भारत और कनाडा की सिख कम्युनिटी के खिलाफ कई तीखी और आपत्तिजनक टिप्पणियां देखने को मिलीं. कुछ लोगों ने बड़े पैमाने पर डिपोर्टेशन की मांग भी की.
सरोये की गिरफ्तारी की घोषणा
इसी दौरान पुलिस ने एक अन्य इंडो-कनाडाई आरोपी जसकरण सरोये की गिरफ्तारी की घोषणा भी की. उस पर एक घर पर फायरिंग करने और लोगों की जान को खतरे में डालने के आरोप लगाए गए हैं. पुलिस के अनुसार, 13 अप्रैल को ब्रिटिश कोलंबिया में फायरिंग की घटना के बाद जांच शुरू हुई थी.
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