राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा, विवाद के बीच छोड़ा राम मंदिर ट्रस्ट

Divya Rai
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Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ताबड़तोड़ एक्शन लिए जा रहे हैं. इस मामले में SIT जांच कर रही है. SIT की प्राथमिक जांच रिपोर्ट आने के बाद राम जन्मभूमि कोतवाली में 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया है. इस लिस्ट में चंपत राय के ड्राइवर रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का भी नाम सामने आया है. इसी बीत राम मंदिर तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा नेइस्तीफा दे दिया है.

दोनों पर ही इस्तीफा देने का था दबाव

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा पर इस्तीफा देने का दबाव था. जिसके बाद दोनों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है.

सीएम योगी का आया बयान Ram Mandir Donation Theft

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि आरोप सामने आने के बाद सरकार की ओर से तुरंत SIT गठित करने के निर्देश दिए गए थे. SIT ने त्वरित जांच कर रिपोर्ट सौंपी और तुरंत केस भी दर्ज किए गए. सीएम ने कहा कि जन आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को कोई छूट नहीं मिलेगी. अयोध्या हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है. आस्था के साथ खिलवाड़ करना स्वीकार्य नहीं है. 

विपक्ष पर साधा निशाना

सीएम योगी ने विपक्ष से अपील की कि रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ न करें और यदि किसी के पास कोई प्रमाण है तो उसे एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत करें. सीएम  ने कहा कि उन्होंने 19 जून को अयोध्या दौरे के दौरान भी स्पष्ट किया था कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. अब एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पहली एफआईआर दर्ज हो चुकी है और कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है.

बेबुनियाद आक्षेप लगाने से बचना चाहिए

उन्होंने कहा कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है. इस पवित्र नगरी पर बेबुनियाद आक्षेप लगाने से बचना चाहिए. भगवान श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखिए. सरकार किसी भी दोषी को बख्शने वाली नहीं है, लेकिन बिना तथ्यों के आरोप लगाकर जनभावनाओं को आहत करना भी उचित नहीं है.

अनावश्यक राजनीति से बचना चाहिए

सीएम ने कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े ठोस तथ्य या साक्ष्य हैं तो उन्हें सार्वजनिक बयानबाजी के बजाय एसआईटी को उपलब्ध कराना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि रामभक्तों की आस्था की अग्निपरीक्षा नहीं ली जानी चाहिए और इस मुद्दे पर अनावश्यक राजनीति से बचना चाहिए. उन्होंने इस दौरान विपक्ष पर भी निशाना साधा. सीएम ने कहा कि आज जो लोग अयोध्या और भगवान राम के नाम पर सवाल उठा रहे हैं, वही लोग कभी भगवान राम के अस्तित्व को नकारते थे और राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का विरोध करते रहे.

ये भी पढ़ें- ‘जय श्री राम बोलने पर गोली चलवाने वाले हमें आस्था बताएंगे’, राम मंदिर दान चोरी पर CM योगी का विपक्ष पर हमला

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