Chandauli Encounter: यूपी के चंदौली से चंदौली से बड़ी खबर सामने आई है. चौबीस घंटे के अंदर डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन, कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस और एक निजी अस्पताल में तीन लोगों की हत्या करने वाले सीरियल किलर गुरुप्रीत सिंह का पुलिस ने सोमवार की रात मुठभेड़ में काम तमाम कर दिया.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, चंदौली पुलिस और जीआरपी उसे सकलडीहा में रेलवे लाइन पर सीन रिक्रिएट कराने के लिए ले गई थी. इसी दौरान बदमाश पुलिस का पिस्टल छीनकर पुलिस पर गोली चलाते हुए भागने लगा. दोनों तरफ से फायरिंग में जीआरपी के हेड कांस्टेबल मनोज यादव व अलीनगर थाना के दारोगा सतीश सिंह घायल हुए, जिन्हें सीएचसी सकलडीहा में भर्ती कराया गया है.
एसपी अकाश पटेल ने बताया
एसपी अकाश पटेल ने हत्यारोपित के एनकाउंटर में मारे जाने की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि अमृतसर निवासी गुरुप्रीत पूर्व सैनिक था और उसने पूछताछ में तीनों हत्याओं की बात स्वीकार कर ली थी.
तीनों घटनास्थल से उसके मोबाइल फोन की लोकेशन भी मिली है. उसके पास से एक रिवाल्वर, एक डबल बैरल बंदूक और 28 कारतूस बरामद हुए थे. जीआरपी और अलीनगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था.
रविवार सुबह गुरुप्रीत ने डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में गाजीपुर निवासी श्रमिक मंगरू चौधरी की कनपटी पर रिवाल्वर सटाकर गोली मार दी और शव चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया था. इसके बाद ट्रेन की रफ्तार धीमी होते ही उतरकर फरार हो गया था.
इसके बाद रविवार रात कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस (13151) की एस-2 बोगी में यात्रा कर रहे गयाजी निवासी विनेश साव की हत्या कर दी. ट्रेन रात 1.35 बजे डीडीयू जंक्शन से खुली और जैसे ही ब्लाक हट-बी के पास पहुंची, बाथरूम जा रहे विनेश के सिर में बिल्कुल पास से गोली मारी और फरार हो गया.
विनेश अपनी बहन, उनके दो बच्चों, बहन की सास के साथ नैमिषारण्य धाम जा रहे थे. दोनों वारदात के भी वह नहीं रुका. सुबह करीब साढ़े छह बजे अलीनगर के कमलापुर स्थित जीवक अस्पताल पहुंचा, ब्लड प्रेशर की जांच कराने के लिए वीरेंद्र कुमार निवासी अंबाला के नाम से पर्ची बनवाई.
अस्पताल में भर्ती बिहार के भभुआ निवासी लक्ष्मीना देवी की सिर में गोली मारी और असलहा लहराते हुए फरार गया.।अस्पताल के वार्ड ब्वाय किशन ने हिम्मत दिखाई और उसका पीछा किया. उसके शोर मचाने पर हथेरवा गांव के पास ग्रामीणों ने आरोपित को पकड़ लिया और पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया.
एसपी आकाश पटेल ने बताया कि गुरुप्रीत सिंह सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने के लिए 29 अप्रैल को आरा जिला गया था. 9 मई को उसने नौकरी छोड़ दी और तीन दिनों से पीडीडीयू जंक्शन के आसपास घूम रहा था.
उसके पिट्ठू बैग में एक लाइसेंसी रिवाल्वर और 32 बोर की 14 व 12 बोर की 14 गोलियां थीं. डबल बैरल बंदूक भी थी. सीसीटीवी फुटेज में भी उसकी घटनास्थल के आसपास उपस्थिति दिखी है. जीआरपी के सीओ कुंवर प्रभात सिंह ने बताया कि हत्या के कारण और अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच की जा रही है. मुठभेड़ में मारे गए बदमाश के शव को कब्जे में लेकर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हैं.