देश में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं की उपेक्षा करना उचित नहीं: डॉ दिनेश शर्मा

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

लखनऊ/पुणे: राज्य सभा सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि देश में क्षेत्रीय भाषाओं की उपेक्षा करना उचित नहीं है. वर्तमान केंद्र सरकार क्षेत्रीय भाषाओं के विकास पर ज़ोर दे रही है. हिंदी और क्षेत्रीय भाषाएँ सगी बहनो की तरह हैं. उनका कहना था कि विकसित भारत के लक्ष्य को स्वदेशी के साथ पूरा करना है. केंद्र की राजभाषा संसदीय समिति का कार्य हिंदी के प्रसार का है और भाजपा सरकार के आने के बाद से हिंदी का केंद्र के मंत्रालयों में प्रयोग ३५ प्रतिशत से बढ़कर ६५ प्रतिशत हो गया है.

युवा शक्ति को बताया भारत की सबसे बड़ी ताकत

पुणे महाराष्ट्र में देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान पुणे इंस्टिट्यूट ऑफ़ बिज़नेस मैनेजमेंट द्वारा आयोजित छात्र शिक्षक संवाद कार्यक्रम में सांसद ने कहा कि आज भारत की ६५ प्रतिशत आबादी युवा है जो भारत को आगे बढ़ाने की क्षमता रखती है. ये दुनिया के तमाम विकसित देशों की तुलना में बहुत अधिक है. भारत में आज प्रजनन दर कम हुई है. ये परिस्थिति देश को युवा देश से वृद्ध देश में बदल सकती है. विकसित देश के संकल्प को साकार करने के लिए देश को स्किल्ड युवाओं की जरूरत है. आज के युवाओं की प्रोफेशन को चुनने की रुचि बदली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये व्यवस्था की है कि आज का युवा कौशलयुक्त हो. देश में कौशलयुक्त युवाओं की संख्या बढ़ जाए.

उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल की सराहना

उन्होंने कहा की आज उत्तर प्रदेश तेजी से विकास कर रहा है. वहाँ पर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आये परिवर्तन के कारण युवाओं को तत्काल रोजगार मिल रहा है. इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में जहाँ पहले मुंबई और गुजरात का नाम लिया जाता था वही आज उत्तर प्रदेश का नाम बेहतरीन सड़कों के लिए लिया जाता है. आज प्रदेश में कनेक्टिविटी और कानून व्यवस्था बेहतर हुई है.

भारतीय छात्रों की प्रतिभा पर गर्व

अपने अमेरिका दौरे के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वहाँ पर मेधा के मामले में हिंदुस्तानी छात्र सबसे आगे हैं. भारतीय छात्र हर सवाल का जवाब देने में सक्षम हैं. ये प्रतिभा देश में ही रहनी चाहिए और इसका पलायन नहीं होना चाहिए. उनका कहना था कि अच्छा शिक्षक वही होता है जिसने सीखने की इच्छा होती है.

आर्थिक संतुलन और विदेशी मुद्रा संरक्षण पर चर्चा

प्रधानमंत्री द्वारा सोना कम खरीदने और अनावश्यक विदेश यात्रा में कटौती करने की जो अपील की गई है उसके पक्ष में उन्होंने चर्चा करते हुए कहा की संपूर्ण विश्व की स्थिति युद्ध के कारण कहीं रूस और यूक्रेन का तो कहीं अरब देशों अमेरिका और ईरान का युद्ध चिंताजनक परिस्थितियों उत्पन्न कर रहा है. इसमें आम जनता को उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि हम आर्थिक संतुलन बनाए रखें और उसके लिए बगैर कष्ट के नित्य प्रतिदिन की आवश्यकताओं की सामान्य संचालित आपूर्ति को जारी रखते हुए यदि इस प्रकार का व्यवहार करते हैं तो हमारी विदेशी मुद्रा संरक्षित रहेगी और अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय के क्षेत्र में हम अपना अधिकार सुरक्षित रख सकेंगे. यह परिस्थितियों भारत के द्वारा सृजित नहीं है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो सप्लाई चैन पर विपरीत असर पड़ रहा है उससे कहीं ना कहीं देश को अलग रखा जा सके. आज भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और विदेशी नीति से पूरी दुनिया प्रभावित है.

शिक्षक एवं विद्यार्थियों को किया संबोधित

बाद में पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉक्टर दिनेश Sharma ने देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिक्षक एवं विद्यार्थियों की प्रशिक्षण कार्यक्रम को भी संबोधित किया. इस अवसर पर संस्थान के प्रबंध निदेशक श्री रमनप्रीत सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की.

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