Philippines Earthquake: बीते सोमवार को फिलीपींस की सबसे ज्यादा आबादी वाले द्वीप में दूसरे नंबर पर आने वाले मिंडानाओ के पास आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई है. भूकंप के तेज झटकों ने शहर की सूरत को बदल दिया है. जगह-जगह भूकंप की भेट चढ़ी इमारते दिखाई दे रही हैं. इस भूकंप की वजह से अब तक जहां 37 लोगों की मौत हो गई है, वहीं लगभग 500 लोग घायल हैं. 20 हजार लोग बेघर हो गए हैं. भूकंप के बाद रही-सही कसर समुद्र में उठने वाली लहरों ने पूरी कर दी, जानकारी के अनुसार, तेज समुद्री लहरों से तट के आस-पास के घर पूरी तरह नष्ट हो गए.
फिलहाल, इलाके में लगातार बचाव अभियान चलाया जा रहा है. इस प्राकृतिक आपदा के एक दिन बाद मंगलवार को बचाव दल धराशायी हुई इमारतों में जीवन तलाश करते नजर आए. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अभी भी चार लोग ही लापता हैं. सिविल डिफेंस ऑफिस के अधिकारियों का मानना है कि क्षतिग्रस्त इमारतों की ठीक तरह से जांच की जानी चाहिए, जिससे जीवित बचे लोगों की या हताहत हुए लोगों का पता लगाया जा सके.

मिंडानाओ के पास आए इस भूकंप में सरकारी इमारतों और स्कूलों को भारी क्षति पहुंची है. इस आपदा से प्रभावित अधिकतर लोगों को इमरजेंसी शेल्टर में भेजा गया है. बताया जा रहा है कि फिलीपींस में ज्वार के स्तर से 1.4 मीटर यानी लगभग 4.6 फीट ऊंची लहरें मापी गईं. सुनामी जैसी स्थिति की वजह से एक तटीय गांव में बने कई कच्चे घरों को नुकसान पहुंचा है. समुद्र से उठी छोटी लहरों का असर इंडोनेशिया, पलाऊ और यहां तक कि दक्षिणी जापान के तटों तक भी देखने को मिला है.
अब तक 37 मौतों की हुई पुष्टि
भूकंप की इस भारी तबाही में जनरल सैंटोस भी शामिल रहा. ये सात लाख से ज्यादा आबादी वाला तटीय शहर है और देश की ‘टूना राजधानी’ के रूप में जाना जाता है. इस जगह पर काफी संख्या में इमारतें गिरीं, जिससे यहां मौत का आंकड़ा 13 तक पहुंच गया है. सिविल डिफेंस ऑफिस के राफेलिटो एलेजांद्रो की मानें तो सरंगानी प्रांत में कम से कम 18 लोगों की मौत हुई है. इनमें से अधिकतर मौतें भूस्खलन के कारण हुई बताई जा रही हैं. आपदा-प्रबंधन के मुताबिक, अन्य मौतें दक्षिणी राज्यों- साउथ कोटाबाटो और दावाओ ऑक्सीडेंटल और बालुट द्वीप पर हुई हैं.

नुकसान का आंकलन करने में जुटे अधिकारी
सरकार के मुताबिक, इस आपदा के कारण लगभग 2000 मकान और 117 सरकारी इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं. इसके साथ ही जनरल सैंटोस में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद रहा जिस कारण से 63 घरेलू उड़ानें भी रद्द करनी पड़ गईं. शुरुआती आंकड़ों में भारी नुकसान की संभावना जताई जा रही है.
जांच के बाद ही फिर से शुरु होंगी कक्षाएं
ये भूकंप तब आया जब गर्मी की छुट्टियों के बाद कक्षाएं पहले दिन ही शुरू हुई थी. अधिकारियों ने भूकंप के बाद आने वाले झटकों (आफ्टरशॉक) की चेतावनी देते हुए कहा कि जिन इमारतों में दरारें आ गई हैं, भूकंप के बाद आने वाले संभावित झटकों की वजह से वे गिर सकती हैं. अधिकारियों ने बताया कि भूकंप से प्रभावित हुए इलाकों में तकरीबन 6,000 सरकारी स्कूल की इमारतों की जांच की जाएगी. इसके बाद ही कक्षाएं फिर से शुरू की जा सकेंगी. सिविल डिफेंस के अधिकारी अलेजांद्रो ने कहा, ‘हम स्कूलों को तुरंत खोलने के लिए मजबूर नहीं कर सकते. हमें इमारतों की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी.’

मदद के लिए साथ आए कई देश
फिलीपींस के सहयोग में अमेरिका ने कहा कि वह मनीला के साथ मिलकर काम कर रहा है. उनका कहना है कि वे फिलीपींस के राहत कार्यों में मदद के लिए तैयार हैं. इसके साथ ही फ्रांस, जापान और न्यूजीलैंड ने भी फिलीपींस की मदद करने को कहा है.

