AI से न्यूड फोटो बनाने पर बवाल, xAI ने बैन लगाने वाली सरकार पर ही ठोका मुकदमा

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Elon Musk: किसी भी सिंपल सी फोटो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से उसे नकली न्यूड तस्वीर में बदलने की तकनीक को लेकर अमेरिका में बड़ा कानूनी विवाद शुरू हो गया है. एलन मस्क की एआई कंपनी xAI ने मिनेसोटा राज्य के उस नए कानून को अदालत में चुनौती दी है, जो ऐसी AI तकनीक पर रोक लगाता है.

दरअसल, मिनेसोटा ने यह कानून बयाना है जो वेबसाइटों और ऐप्स पर “न्यूडिफिकेशन” तकनीक पर रोक लगाता है. बता दें कि यह अमेरिका का पहला ऐसा कानून है, जो शनिवार से लागू होने वाला है, लेकिन इससे पहले ही मस्क की कंपनी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है. इस मामले से यह तय हो सकता है कि अमेरिका का कोई राज्य संविधान के दायरे में रहकर AI को कितनी दूर तक नियंत्रित कर सकता है.

मस्क की कंपनी ने सोमवार को संघीय अदालत में यह मुकदमा दायर किया. टाइमिंग अहम है. इस कानून के लागू होने के बाद मिनेसोटा ऐसा पहला राज्य बन जाएगा, जो उस तेजी से फैल रही तकनीक को गैरकानूनी बनाने की कोशिश करेगा, जिसकी मदद से लोग AI का इस्तेमाल करके असली लोगों की नकली न्यूड तस्वीरें बना सकते हैं. इस कानून पर मई में हस्ताक्षर किए गए थे.

कंपनी की याचिका में क्या है?

इस याचिका में xAI ने कहा है कि उसकी AI चैटबॉट और इमेज जनरेटर “ग्रोक” सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और दूसरी जगहों पर उपलब्ध है. कंपनी ने यह भी कहा कि वह बिना किसी व्यक्ति की अनुमति के बनाई गई AI तस्वीरों को फैलाने पर रोक लगाने का विरोध नहीं करती. लेकिन कंपनी का कहना है कि मिनेसोटा का कानून इस मकसद से बहुत आगे निकल जाता है. xAI के अनुसार, यह कानून उन तस्वीरों और वीडियो पर भी रोक लगाता है, जिन्हें अमेरिकी संविधान सुरक्षा देता है. कंपनी का दावा है कि कानून के हर उल्लंघन पर 5 लाख डॉलर (करीब 4.8 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया जा सकता है.

मुकदमे में यह भी कहा गया है कि इस कानून में उन कंपनियों के लिए कोई “सेफ हार्बर” प्रावधान नहीं है, जो ईमानदारी से ऐसी तस्वीरों को बनने से रोकने की कोशिश करती हैं. xAI का कहना है कि यह कानून उन तस्वीरों पर भी लागू हो सकता है, जिनके लिए संबंधित व्यक्ति ने खुद अनुमति दी हो या जिन्हें उसी व्यक्ति ने बनाया हो. कंपनी ने यह भी कहा कि कानून में “प्राइवेट पार्ट” की परिभाषा बहुत व्यापक है. इसमें शरीर के ऐसे हिस्से भी शामिल हैं, जो आम तौर पर सार्वजनिक जगहों पर दिखाई देते हैं.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मिनेसोटा के अटॉर्नी जनरल कीथ एलिसन ने कहा कि उनके ऑफिस को अभी तक मुकदमे की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है और उन्होंने याचिका नहीं देखी है. हालांकि, एलिसन ने कहा कि “लोगों की इच्छा के खिलाफ AI की मदद से उनकी न्यूड तस्वीरें बनाना बेहद शर्मनाक है. AI पॉलिसी पर कई जरूरी बहसें हो सकती हैं, लेकिन यह उनमें से एक नहीं है. AI के जरिए किसी की न्यूड तस्वीर बनाना उसकी गरिमा छीन लेता है और भावनात्मक, निजी और पेशेवर स्तर पर भारी नुकसान पहुंचा सकता है.”

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