Bangladesh: गुरुवार को ढाका की एक अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे एक ब्रिटिश सांसद की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल से रेड नोटिस जारी करने का अनुरोध करें. एक निजी रियल एस्टेट परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा यह मामला है.
ट्यूलिप सिद्दीक पर क्या हैं आरोप?
लंदन के हैम्पस्टेड और हाईगेट से सांसद और पूर्व ब्रिटिश मंत्री ट्यूलिप सिद्दीक के खिलाफ बांग्लादेश में भ्रष्टाचार के आरोप हैं. बांग्लादेश का भ्रष्टाचार निरोधक आयोग उनके खिलाफ मामला आगे बढ़ा रहा है. सिद्दीक को पहले ही बांग्लादेश में तीन अन्य भ्रष्टाचार मामलों में 6 साल की सजा सुनाई जा चुकी है. ये सभी मामले उनकी मौसी और देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से जुड़े हैं.
शेख हसीना को 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए जन आंदोलन के बाद सत्ता से हटा दिया गया था, जिससे उनके 15 साल के शासन का अंत हुआ. 5 अगस्त 2024 से वह भारत में निर्वासन में रह रही हैं. सिद्दीक ने पहले अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया था. उन्होंने फैसलों को ‘पूरी तरह मजाक’ बताया और कहा कि वह बांग्लादेशी नहीं, बल्कि ब्रिटिश नागरिक हैं.
क्या कहना है भ्रष्टाचार निरोधक आयोग का?
आयोग का कहना है कि सिद्दीक ने हसीना से अपने संबंधों का इस्तेमाल करते हुए ढाका के पॉश गुलशन इलाके में एक निजी कंपनी को जमीन आवंटित कराने की प्रक्रिया को प्रभावित किया. सिद्दीक, हसीना की छोटी बहन शेख रेहाना की बेटी हैं. ढाका मेट्रोपॉलिटन के वरिष्ठ विशेष जज मोहम्मद सब्बिर फैज ने गुरुवार को भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी की याचिका पर यह आदेश जारी किया. यह आदेश तब आया, जब आयोग के सहायक निदेशक एकेएम मुर्तजा अली सागर ने इंटरपोल के जरिए रेड नोटिस जारी करने की मांग की, ताकि सिद्दीक की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके. गुरुवार को इस मामले पर सिद्दीक की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.
ट्यूलिप सिद्दीक ने क्यों दिया पद से इस्तीफा?
पिछले वर्ष जनवरी में ट्यूलिप सिद्दीक ने प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की कैबिनेट में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. शेख हसीना से उनके संबंधों को लेकर दबाव बढ़ने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया. सिद्दीक ने कहा था कि जांच में उन्हें किसी भी गलत काम का दोषी नहीं पाया गया है. उन्होंने कहा था कि फिर भी उन्होंने ट्रेजरी के आर्थिक सचिव पद से इस्तीफा देने का फैसला किया, क्योंकि उनके मुताबिक, यह विवाद सरकार के कामकाज से ध्यान भटका रहा था.
तारिक रहमान कर रहे नई सरकार का नेतृत्व
हसीना के सत्ता से हटने के तीन दिन बाद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम नेता के रूप में पद संभाला था. बाद में 12 फरवरी को चुनाव की निगरानी की. इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे और हसीना के मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार ने कार्यभार संभाल लिया.

