ED Action: कोलकाता पुलिस के DCP पर ED का शिकंजा, लुक आउट नोटिस जारी, जाने क्या है मामला

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

ED Action: चुनाव नतीजों के बाद पश्चिम बंगाल में सियासी माहौल पूरी तरह बदल गया है. नई सरकार के गठन के साथ ही विवादित और आरोपों में घिरे लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है. इसी कड़ी में एक्शन में आते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता पुलिस के डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है. अधिकारियों के अनुसार, शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज है और इस संबंध में जांच चल रही है.

देश छोड़कर भागने की आशंका

सूत्रों के मुताबिक, डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास का नाम पूर्व सरकार से करीबी संबंधों के चलते चर्चा में रहा है. हाल ही में उनके ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की थी और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए. ऐसे में जांच एजेंसी को शक है कि वह देश छोड़कर भाग सकते हैं. इसी संभावना को देखते हुए उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है, ताकि देश के सभी एयरपोर्ट और सीमाओं पर उनकी निगरानी की जा सके.

ईडी की छापेमारी में मिले थे अहम सुराग

मालूम हो कि 19 अप्रैल को ईडी की टीम ने शांतनु सिन्हा और सन एंटरप्राइज के प्रबंध निदेशक जॉय कामदार के ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की थी. इस दौरान जांच एजेंसी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे थे, जिनकी जांच जारी है. हालांकि, छापेमारी के समय उनकी मौजूदगी को लेकर विरोधाभासी बयान सामने आए थे. एक ओर कहा गया कि वह घर पर नहीं थे, वहीं उनके परिवार की तरफ से दावा किया गया कि वह घर में मौजूद थे और उनसे पूछताछ भी हुई थी.

बताया गया है कि शांतनु सिन्हा का संबंध तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व, खासकर ममता बनर्जी से करीबी रहा है. उन पर पहले भी कई तरह के आरोप लग चुके हैं. अब राज्य की सत्ता बदलने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है. लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.

क्या होता है लुक आउट नोटिस?

लुक आउट सर्कुलर (LOC) एक ऐसी चेतावनी होती है, जिसे जांच एजेंसियां जारी करती हैं, ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति देश छोड़कर भाग न सके. इसके तहत इमिग्रेशन विभाग को अलर्ट किया जाता है.

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