ED Raid: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में संदिग्ध फंडिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में कई जगहों पर छापेमारी की है. यह कार्रवाई 18 और 19 अप्रैल को विभिन्न राज्यों के छह ठिकानों पर की गई. जांच में सामने आया है कि विदेशी बैंक डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर भारत में बड़ी मात्रा में नकदी निकाली जा रही थी, जिससे नियामकीय व्यवस्था को दरकिनार किया जा रहा था. यह मामला “द टिमोथी इनिशिएटिव (TTI)” नामक एक मूवमेंट और उससे जुड़े लोगों से संबंधित बताया जा रहा है.
विदेशी कार्ड से बार-बार निकाली जा रही थी नकदी
ED के अनुसार, जांच में खुलासा हुआ कि अमेरिका के Truist Bank से जुड़े विदेशी डेबिट कार्ड भारत लाए गए और देश के अलग-अलग राज्यों में एटीएम के जरिए बार-बार कैश निकाला गया. इस तरीके से बड़ी मात्रा में नकदी इकट्ठा की जा रही थी, जिससे वित्तीय निगरानी तंत्र को चकमा दिया जा सके.
जांच एजेंसी ने बताया कि इस नकदी का उपयोग TTI की गतिविधियों के खर्चों के लिए किया जा रहा था, जबकि यह संगठन FCRA के तहत पंजीकृत नहीं है. इससे यह संकेत मिलता है कि विदेशी फंडिंग के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था और धन के उपयोग को पारदर्शी ढांचे से बाहर रखा गया था.
बेंगलुरु एयरपोर्ट से मुख्य पकड़ा गया आरोपी
इस मामले में मिकाह मार्क नामक व्यक्ति को बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन ब्यूरो ने ED के लुकआउट सर्कुलर के आधार पर पकड़ा. उसके पास से 24 विदेशी डेबिट कार्ड बरामद किए गए, जो इस नेटवर्क के संचालन में उसकी भूमिका को दर्शाते हैं.
नक्सल प्रभावित इलाकों तक पहुंचा नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया कि छत्तीसगढ़ के धमतरी और बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इन कार्डों के जरिए संदिग्ध लेनदेन किए गए. पिछले कुछ वर्षों में करीब 6.5 करोड़ रुपये की नकदी निकासी की गई है, जिससे इस नेटवर्क के व्यापक और संगठित होने का संकेत मिलता है.
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से रखे जा रहे थे रिकॉर्ड
ED ने बताया कि इन लेनदेन का रिकॉर्ड रखने के लिए एक ऑनलाइन बिलिंग और अकाउंटिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे कथित तौर पर विदेश से संचालित किया जा रहा है. इससे यह स्पष्ट होता है कि पूरे नेटवर्क को तकनीकी माध्यमों के जरिए व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा था.
करोड़ों की रकम देश में लाई गई
जांच में यह भी सामने आया है कि नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 95 करोड़ रुपये विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में लाए गए. यह आंकड़ा इस पूरे मामले की गंभीरता और बड़े पैमाने को दर्शाता है.
छापेमारी में बड़ी बरामदगी
छापेमारी के दौरान ED ने 25 विदेशी डेबिट कार्ड, 40 लाख रुपये नकद, डिजिटल सबूत, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं. यह सामग्री जांच के लिए महत्वपूर्ण सबूत के रूप में इस्तेमाल की जा रही है.
आगे की जांच जारी
ED का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां एक संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करती हैं और इससे समानांतर नकद अर्थव्यवस्था खड़ी होने का खतरा है. फिलहाल इस पूरे मामले में आगे की जांच जारी है और संबंधित लोगों की भूमिका को खंगाला जा रहा है.
यह भी पढ़े: शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 999 अंक टूटा, निफ्टी 23,900 के नीचे बंद

