Harda Blast: विस्फोट के बाद फैक्ट्री के आस-पास बिखरे पड़े थे शवों के टुकड़े

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Harda Blast: हरदा की पटाखा फैक्टरी सोमेश फायर वर्क में हुए विस्फोट के शक्ति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि धमाके से आसपास के इलाके हिल गए. कई घरों से खिड़कियों के शीशे जहां टूट गए, वहीं कंपन से बर्तन से भी गिर पड़े, कई कच्चे मकानों में दरारें आ गई. इससे लोगों के होश इस आशंका से उड़ गए कि भूकंप आ गया. विस्फोट इतना जबरदस्त था कि फेक्ट्री के आस-पास आधा किलोमीटर तक शव बिखरे पड़े थे, जिसे लोगों ने कपड़े से ढका.

धमाके से कांप गई लोगों की रुह
फैक्ट्री में हुआ धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के इलाके लोगों के घर हिर गए. इससे लोग सहम गए. जब लोग घरों से बाहर निकले तो आधा किलोमीटर के दायरे में भयावह स्थिति देख लोगों की रुह कांप गई. शवों के टुकड़े बिखरे पड़े थे. कहीं पैर पड़े थे तो कहीं धड़. सड़क से गुजर रहे कई लोग भी हादसे का शिकार हो गए.

किसी का सिर गायब था तो किसी का हाथ
प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो हादसे के बाद हरदा में एम्बुलेंस, दमकलों के सायरन ही गूंज सुनाई देने लगी. फैक्ट्री से एक किलोमीटर दूर बेरागढ़ वार्ड में रहने वाले जितेंद्र सैनी ने इस भयावह घटना का आंखों देखा हाल बताते हुए कहा कि मैं सुबह घर पर ही था. करीब 11 बजे अचानक धमका हुआ. खिड़की के शीशे टूट गए. बाहर निकल कर देखा तो आसमान में आग की लपटे उठ रही थी और चारों तरफ धुआं फैला हुआ था. लगातार विस्फोट हो रहे थे. फैक्ट्री के आस-पास के खेतों में शवों के टुकड़े बिखरे पड़े थे. किसी का सिर गायब था तो किसी का हाथ.

सड़क से गुजर रहे कई बाइक सवार भी हुए घायल
बस्ती वाले शवों को कपड़ों से ढक रहे थे. फैक्ट्री के पास से गुजरने वाली सड़क से गुजर रहे कई दोपहिया वाहन चालक भी घायल हो गए. फैक्ट्री का मलबा उड़कर उन्हें लगा. लोहे के 10-15 किलो के एंगल उड़कर खेतों में जा गिरे थे. अगर जितेंद्र की बातों पर गौर करें तो बड़ी संख्या में लोग हादसे के शिकार हुए हैं.

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