Iran News: पिछले सप्ताह से ईरान में हिंसक प्रदर्शन का दौर जारी है. इस हिंसक प्रदर्शन में अभी तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी हैं. ईरान ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA और इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के एजेंटों पर विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने और अशांति को और बढ़ाने के लिए बेगुनाह लोगों को मारने का आरोप लगाया है. इस बीच नोबेल अवार्ड विनर मलाला यूसुफजई ने ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया है.
मलाला यूसुफजई कहा…
मलाला यूसुफजई कहा, “ये विरोध प्रदर्शन अचानक नहीं हुए हैं. ईरानी सरकार लंबे समय से लड़कियों और महिलाओं की आजादी पर कड़ी पाबंदियां लगा रही है, खासकर उनकी शिक्षा तक पहुंच को सीमित कर रही है. दुनिया में हर जगह की लड़कियों की तरह, ईरानी लड़कियां भी सम्मान और गरिमा के साथ जीना चाहती हैं. वे सिर्फ अपनी शिक्षा में ही नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी के सभी पहलुओं में अपने फैसले खुद लेना चाहती हैं.”
मलाला यूसुफजई ने कहा, “ईरान के लोग वर्षों से इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज को दबा दिया गया है, यहां तक कि उनकी जान को भी खतरा हुआ है. ये नियम सिर्फ स्कूलों तक ही सीमित नहीं हैं. महिलाओं को पूरे समाज में कई तरह के कंट्रोल का सामना करना पड़ता है. जैसे अलग बैठने की व्यवस्था, लगातार निगरानी और छोटी-मोटी गलतियों के लिए सजा.”
‘ईरानी लोगों को खुद तय करना चाहिए अपना भविष्य‘
उन्होंने कहा कि यह सब महिलाओं को अपनी पसंद की जिंदगी जीने, अपने फैसले खुद लेने और सुरक्षित महसूस करने से रोकता है. ईरानी महिलाएं और लड़कियां अब मांग कर रही हैं कि उनकी आवाज़ सुनी जाए और उन्हें अपना भविष्य खुद तय करने दिया जाए. मलाला यूसुफजई ने साफ तौर पर कहा कि वह ईरान के लोगों, खासकर लड़कियों के साथ खड़ी हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान का भविष्य ईरानी लोगों को खुद तय करना चाहिए, जिसमें महिलाओं और लड़कियों की अहम भूमिका हो. कोई भी बाहरी देश या दमनकारी सरकार दखल न दे.

