Georgia: जॉर्जिया की त्बिलिसी सिटी कोर्ट ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री इराकली गरीबाश्विली को मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में 5 साल जेल की सजा सुनाई है. इसके अलावा कोर्ट ने उन पर 1 मिलियन जॉर्जियाई लारी (लगभग 3.3 करोड़ रुपये) का भारी जुर्माना भी लगाया है. 2021 से 2024 तक सत्ता के शिखर पर रहे 43 वर्षीय गरीबाश्विली ने अदालत में अपना गुनाह कबूल कर लिया. सजा सुनाए जाने के बाद गरीबाश्विली राहत के लिए कानूनी रास्ते तलाश रहे हैं. हालांकि अभी तक राष्ट्रपति के पास औपचारिक रूप से कोई अर्जी नहीं भेजी गई है.
जॉर्जिया की राजनीति में हड़कंप
इस घटना से जॉर्जिया की राजनीति में सोमवार को हड़कंप मच गया. पूर्व पीएम के खिलाफ जांच का सिलसिला अक्टूबर 2025 में शुरू हुआ था. पुलिस ने जब उनके घर पर छापा मारा तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए. छापेमारी में गरीबाश्विली के घर से लगभग 6.5 मिलियन डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 55 करोड़ रुपये) नकद बरामद किए गए थे. जांच में सामने आया कि 2019 से 2024 के बीच उन्होंने बड़े पैमाने पर अवैध संपत्ति अर्जित की और सरकारी दस्तावेजों में इसकी गलत जानकारी दी.
अदालत में एक सोची-समझी अपनाई रणनीति
उन पर जॉर्जियाई क्रिमिनल कोड की धारा 194 के तहत अवैध आय को वैध बनाने का मामला चलाया गया. कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार मनी लॉन्ड्रिंग के इन आरोपों में गरीबाश्विली को 9 से 12 साल तक की सख्त सजा हो सकती थी. लेकिन उन्होंने अदालत में एक सोची-समझी रणनीति अपनाई. पूर्व पीएम ने अभियोजन पक्ष के साथ प्ली डील (Plea Deal) की, जिसके तहत उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया. जांच में सहयोग करने और जुर्म कबूलने की वजह से कोर्ट ने नरम रुख अपनाते हुए उनकी सजा घटाकर 5 साल कर दी.
राहत के लिए कानूनी रास्ते तलाश रहे हैं गरीबाश्विली
सजा सुनाए जाने के बाद गरीबाश्विली के वकीलों ने संकेत दिए हैं कि वे राहत के लिए कानूनी रास्ते तलाश रहे हैं. बचाव पक्ष के वकील का कहना है कि उनके मुवक्किल अन्य कैदियों की तरह राष्ट्रपति से माफी पाने के हकदार हैं. वकीलों ने यह भी कहा कि वे पैरोल के लिए भी आवेदन कर सकते हैं. हालांकि अभी तक राष्ट्रपति के पास औपचारिक रूप से कोई अर्जी नहीं भेजी गई है.
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