कराची अग्निकांड: एक दुकान में मिली 30 लाशें, शवों को देख दहला लोगों का कलेजा

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Pakistan News: बीते दिनों पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची में एक शॉपिंग प्लाजा में भयंकर अगलगी की घटना हुई थी. कराची के सदर इलाके के गुल शॉपिंग प्लाजा में हुई आग की इस घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है. अधिकारियों का कहना है कि मलबा हटाने और सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद यह संख्या 100 से अधिक हो सकती है.

गुल शॉपिंग प्लाजा के बेसमेंट में लगी थी भीषण आग

दरअसल, 17 जनवरी की रात गुल शॉपिंग प्लाजा के बेसमेंट में आग लग गई थी. यह प्लाजा एक थोक और खुदरा बाजार के तौर पर काम करता था, जिसमें सैकड़ों दुकानें और गोदाम थे. आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही समय में पूरी इमारत भयंकर आग की लपटों में घिर गई. स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आग पर काबू पाने में लगभग 36 घंटे लगे.

एक दुकान से बरामद किए गए 30 शव

कराची साउथ के डीआईजी असद रजा ने बताया कि मेजानाइन फ्लोर पर ‘दुबई क्रॉकरी’ नाम की एक दुकान से 30 शव बरामद किए गए हैं. शुरुआती जांच से पता चलता है कि आग लगने के बाद, वहां मौजूद दुकानदारों और ग्राहकों ने धुएं और आग से बचने के लिए दुकान के शटर बंद कर दिए होंगे, लेकिन इससे वे अंदर फंस गए होंगे और बाहर नहीं निकल पाए होंगे. अधिकारियों के मुताबिक, दिन में पहले तीन और शव मिलने के बाद मरने वालों की संख्या 28 से बढ़कर 31 हो गई थी. एक ही दुकान से बड़ी संख्या में शव मिलने के बाद मरने वालों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई. घटनास्थल से बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामान से पुष्टि होती है कि ये लोग शनिवार रात से मेज़ानाइन फ़्लोर पर मौजूद थे.

शवों की पहचान के लिए पड़ सकती है डीएनए टेस्ट की जरूरत

शवों पूरी तरह से जलने की वजह से उनकी पहचान करना एक बड़ी चुनौती बन गई है. पुलिस सर्जन डॉक्टर सुमैया सैयद ने बताया कि अब तक 21 शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए उनके पास लाया गया है. इनमें से ज़्यादातर शव इस कदर जले हुए हैं कि पहचान करना लगभग नामुमकिन है. इसके लिए डीएनए टेस्ट की जरूरत पड़ सकती है. इस बीच जिस दुकान से शव बरामद किए गए हैं, वहां चल रहे ऑपरेशन के कारण अन्य फ़्लोर पर मलबा हटाने और सर्च ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि पहले इस हिस्से को पूरी तरह से सुरक्षित किया जाएगा, जिसके बाद इमारत के बाकी हिस्सों में सर्च ऑपरेशन फिर से शुरू किया जाएगा.

जांच के लिए सरकार ने बनाई कमेटी

सिंध सरकार द्वारा गठित जांच समिति के संयोजक और कराची के कमिश्नर सैयद हसन नकवी ने घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने कहा कि इमारत में आग से सुरक्षा के इंतज़ाम अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से नहीं थे. फायर अलार्म, इमरजेंसी एग्जिट और सही वेंटिलेशन जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी साफ दिख रही थी. सरकार ने पहले ही 73 लापता लोगों की लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में महिलाएं, बच्चे और 10 से 69 साल के पुरुष शामिल हैं. लापता लोगों में से कम से कम 16 लड़के 10 से 18 साल के हैं, जो या तो दुकानों में काम करते थे, या शॉपिंग के लिए प्लाजा में आए हुए थे.

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